आंधी में गुल हुई बिजली सप्ताह भर बाद भी नहीं आई
बस्ती। सप्ताह भर पहले आई आंधी व बरसात के चलते पेड़ गिरने व खंभा तार टूटने के कारण बाधित आपूर्ति अब तक पटरी पर नहीं आई है। जबकि विद्युत निगम ने आपदा निधि से धन मुहैया कराए जाने संबंधी मांग पत्र व टूटे खंभों की सूची भी तहसील प्रशासन को उपलब्ध करा दी है।
हर्रैया प्रतिनिधि के अनुसार आंधी व बरसात में पेड़ गिरने से टूटे विद्युत पोल व तार अभी तक नहीं बदले जाने से करीब चार दर्जन गांवों के सैकड़ों घरों में आपूर्ति ठप है। विद्युत निगम ने आपदा निधि से धन उपलब्ध कराए जाने संबंधी मांग पत्र व टूटे खंभों की सूची तहसील प्रशासन को उपलब्ध भी करा दी है मगर लेखपालों की उदासीनता के चलते जांच रिपोर्ट में हो रही देरी से खंभे व तार बदले जाने की कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इसका खामियाजा उपभोक्ता भुगत रहे हैं।
आंधी व बारिश में क्षेत्र के खम्हरिया गंगाराम, रेउवा, किशुनपुर, भीरवा सहित डिवीजन के लगभग 48 गांवों व पुरवों में करीब 150 खंभे व तार टूटने की घटनाएं हुई थीं। जो अब भी उसी स्थिति में हैै। खम्हरिया गंगाराम के किसानों ने आपूर्ति ठप होने से फसलों की सिंचाई नहीं हो पाने से हो रहे नुकसान की शिकायत सीएम पोर्टल पर भी की है। अधिशासी अभियंता अमित कुमार ने कहा कि जब तक जांच रिपोर्ट नहीं मिलेगी तब तक टूटे खंभे व तार नही बदले जाएंगे।
महादेवा प्रतिनिधि के अनुसार विद्युत उपकेंद्र बजहा ( पडियापार ) के अंतर्गत ग्राम पिपरा व महसोना के लोग तपती गर्मी में पिछले पांच दिनों से विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण परेशान हैं। आधी के कारण महादेवा - मुंडेरवा मार्ग पर तीन विद्युत खंभा टूट जाने से दो गांव की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई । पांच दिन बीत जाने के बाद भी विद्युत आपूर्ति बहाल न होने से ग्रामीण परेशान हैं। विद्युत उपभोक्ता वीरेंद्र दुबे, रत्नेश, मिंटू, राहुल आदि ने बताया कि पिछले पांच दिनों से इस गर्मी में ग्रामीण परेशान हैं। लेकिन हालत की सुधि लेने वाला कोई नहीं है। आरोप लगाया कि जिम्मेदार फोन तक नहीं उठा रहे हैं। अवर अभियंता देईसाड ने बताया कि प्राइवेट ठेकेदार को टेंडर दे दिया गया है। जल्द ही इन गांवों की विद्युत सप्लाई शुरू हो जाएगी।