महादेवा। बृहस्पतिवार को आंधी के दौरान गुल हुई बिजली 90 घंटे बाद भी पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी है। महादेवा, महसो, देईसाड़ और पड़ियापार क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति प्रभावित है। पोल गिरने और तार टूटने से कई गांवों में अब भी बिजली संकट बना हुआ है।
आंधी में तीन फीडरों पर कुल 105 बिजली के पोल धराशायी हो गए। इसके बाद से बिजली विभाग की टीमें पोल खड़े करने और क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत में जुटी हैं। लंबे समय से बिजली नहीं होने के कारण ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित है। इन्वर्टर जवाब दे चुके हैं। मोबाइल चार्ज करने और पेयजल की व्यवस्था करने में भी लोगों को परेशानी हो रही है।
बजहा उर्फ पड़ियापार फीडर में करीब 45, महसो में 32 और देईसाड़ फीडर में 28 पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। पड़ियापार फीडर के अधिकांश पोल दुरुस्त कर दिए गए हैं और अधिकतर गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
अवर अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि पड़ियापार फीडर में करीब 45 पोल गिर गए थे। मरम्मत के बाद अधिकतर गांवों में बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है। शेष प्रभावित क्षेत्रों में भी काम कराया जा रहा है।
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महसो में 32 पोल क्षतिग्रस्त, मरम्मत जारी
महसो उपकेंद्र के अवर अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि आंधी में फीडर के 32 पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। इन्हें दुरुस्त करने का काम जारी है। मरम्मत पूरी होने के बाद प्रभावित गांवों में आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
देईसाड़ में पांच गांवों में आपूर्ति ठप
देईसाड़ उपकेंद्र के अवर अभियंता ने बताया कि फीडर क्षेत्र में 28 पोल गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। अधिकांश गांवों में आपूर्ति बहाल कर दी गई है। सोहिला, कठैचा, ठकुरापार, बंजरिया और नेवारी में अभी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। टीमें मरम्मत कार्य में लगी हैं।