फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: बारिश थमी तो बढ़ी बीमारियों की दस्तक, डेंगू का भी खतरा

विज्ञापन
जिला अस्पताल में चिकित्सीय परामर्श के लिए इंतजार करते मरीज संवाद
विज्ञापन
बस्ती। तीन दिन की बारिश के बाद निकली तेज धूप और तापमान में उतार-चढ़ाव से वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण के साथ डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ गया है। जगह-जगह जलभराव और नाले-नालियों से निकली गाद के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार, सर्दी-जुकाम और खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बुखार के मरीजों में डेंगू और मलेरिया की आशंका को देखते हुए जांच कराई जा रही है। पैथोलॉजी में रोजाना 10 से 12 संदिग्ध मरीजों की डेंगू जांच हो रही है।
विज्ञापन

जनरल फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि जलभराव वाले स्थानों पर मच्छरों के लार्वा पनपने की आशंका रहती है। घरों के आसपास पानी जमा न होने दें और जलभराव होने पर तत्काल सफाई कराएं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अब तक मलेरिया के नौ और डेंगू के 17 मरीज मिल चुके हैं। स्वाइन फ्लू के छह, फाइलेरिया के चार, चिकनगुनिया के पांच और एईएस के नौ मामले भी सामने आए हैं।
सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि लोगों को हर रविवार मच्छररोधी गतिविधियां अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। घरों और आसपास जमा पानी हटाने के साथ मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने की अपील की जा रही है। एसआईसी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि ओपीडी में आने वाले बुखार के मरीजों में संदिग्ध 10-12 मरीजों की रोजाना डेंगू जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन


ओपीडी में पहुंचे 1197 मरीज, बुखार-सर्दी के मरीज अधिक
मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 1197 मरीजों ने परामर्श लिया। इनमें बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, पेट के संक्रमण, दस्त और त्वचा रोग के मरीज अधिक रहे। फिजिशियन डॉ. एसडी ओझा ने संक्रमण से बचाव के लिए उबला या क्लोरीनयुक्त पानी पीने, खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचने और आसपास पानी जमा न होने देने की सलाह दी। तेज बुखार, कंपकंपी, शरीर में दर्द, उल्टी-दस्त, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक कमजोरी होने पर चिकित्सक से परामर्श लेने को कहा। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि बैक्टीरियल संक्रमण से पीड़ित बच्चे भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। दूषित पानी और खराब खानपान से संक्रमण का खतरा बढ़ता है। जरूरत के अनुसार गंभीर बच्चों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
-
पांच दिन से खराब अल्ट्रासाउंड मशीन की मरम्मत शुरू
जिला महिला अस्पताल में पांच दिन से खराब अल्ट्रासाउंड मशीन की मरम्मत के लिए मंगलवार को इंजीनियर पहुंचे। उन्होंने मशीन खोलकर काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही मशीन ठीक कर अल्ट्रासाउंड सेवा बहाल कर दी जाएगी। मशीन खराब होने से रोजाना 40-50 गर्भवती महिलाओं को बिना जांच लौटना पड़ रहा है और उन्हें बाहर जांच कराने के लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।

एडी हेल्थ ने महिला अस्पताल का किया निरीक्षण
बारिश के दौरान जिला महिला अस्पताल की छत टपकने और जनरल वार्ड में प्लास्टर गिरने की सूचना पर एडी हेल्थ डॉ. नीरज पांडेय ने अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन की स्थिति का जायजा लेकर मरम्मत के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। प्लास्टर गिरने की घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था।
-
बिजली बहाल होते ही ऑक्सीजन प्लांट और सीटी स्कैन में आई खराबी
जिला अस्पताल में आठ दिन बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन इसके बाद ऑक्सीजन प्लांट का वोल्टेज स्टेबलाइजर खराब हो गया। इससे प्लांट में बिजली की आपूर्ति बाधित है। फिलहाल वार्डों में सिलेंडर से ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। वहीं, बिजली आने के बाद सीटी स्कैन मशीन में भी तकनीकी खराबी आ गई। इंजीनियर ने खराबी दूर की, जिसके बाद मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे सीटी स्कैन सेवा फिर शुरू हो गई। एसआईसी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट का स्टेबलाइजर बदलवाया जा रहा है। प्लांट की बिजली आपूर्ति बहाल होने तक सिलेंडर से ऑक्सीजन दी जा रही है।
कोट
अस्पताल में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार है। जांच किट और दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। चिकित्सकों और स्टाफ को समय से ओपीडी में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन

-डॉ. अनिल कुमार, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें