दुबौलिया। गौरा-सैफाबाद तटबंध के निकट सरयू नदी में मिले लाल साहब दुबे की पानी में डूबने की वजह से मौत हुई थी। पोस्टमार्टम में इसकी पुष्टि हुई है। उधर,मृतक के बड़े भाई लालजी दूबे ने पुलिस को तहरीर दी है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उनके भाई का अपहरण करके मार-पीटकर सरयू नदी में फेंक दिया गया। एसओ प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।
बता दें कि दुबौलिया थानाक्षेत्र के नान्देकुआं निवासी लालसाहब दुबे पंजाब में किसी दुकान पर रहकर जीविकोपार्जन करते थे। डेढ़ महीने पहले वह अपने गांव आए थे। पत्नी कृष्णा दूबे अपने दो बच्चों सर्वेश व सृष्टि के साथ अपने मायके ईसापुर जनपद आंबेडकरनगर गई थीं। मृतक के भाई लालजी दुबे ने बताया कि बृहस्पतिवार को वह फल खरीदने जाने की बात कहकर घर से निकले थे। तब से घर नहीं लौटे थे। बृहस्पतिवार को पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज किया था।
शनिवार को शव मिलने के बाद लाल साहब दुबे के भाई लालजी दुबे ने पुलिस को तहरीर दिया कि उसके भाई लाल साहब दुबे ने अपने हिस्से की डेढ़ बिस्वा जमीन पड़ोसी गांव भेलमापुर के एक व्यक्ति को छह लाख रुपये में बेची थी। दो लाख बीस हजार खाते में भेजे गए और तीन लाख अस्सी हजार रुपये का चेक मिला था। उसका भुगतान सात जुलाई को होना था। इसी बीच खरीदने वाले ने जमीन पर निर्माण कराना शुरू कर दिया था। उसके भाई ने बाकी रुपये मांगे तो उन लोगों ने अपहरण करके मार-पीटकर नदी में फेंक दिया।
बंधे पर खड़ी थी साइकिल
कटरिया-चांदपुर तटबंध के निकट खलवा गांव निवासी राजकुमार सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को करीब नौ बजे एक साइकिल उनके घर के सामने तटबंध पर खड़ी थी, जिसमें ताला नहीं लगा था। उसमें पॉलिथीन टंगी हुई थी, जिसमें अनार रखा हुआ था। इधर-उधर आवाज देने पर कोई नहीं दिखाई पड़ा। शाम होने के बाद साइकिल वह अपने घर उठा ले गए और ग्रामीणों को भी इसकी सूचना दी थी। शनिवार को जब लाल साहब का शव मिलने की सूचना फैली तो उन्होंने पुलिस को भी सूचना दी।