तालाबों, पोखरों में पानी नहीं, मवेशी परेशान
- फोटो : अमर उजाला
बनकटी/सल्टौआ (बस्ती)। गिरते जा रहे भू-गर्भ जल स्तर को ठीक करने व गर्मी के मौसम में पशु पक्षियों को जरूरत भर का पानी मिल सके, इसके लिए सरकार ने मनरेगा के तहत लाखों रुपये ताल और पोखरों के निर्माण में खर्च किया। इसके बावजूद ब्लॉक के एकाध पोखरों को छोड़कर अधिकांश गांवों के पोखरे सूखे पड़े हैं। इससे खासतौर से पशुओं की परेशानी बढ़ गई है। सल्टौआ की सरयू नहर प्रणाली में भी पानी नहीं आने से संकट बढ़ा है।
बनकटी ब्लॉक के 92 ग्राम पंचायतों में कुल 1,187 ताल व पोखरे हैं। इनमें से कुछ तो सूख चुके हैं और कुछ सूखने की कगार पर हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही मवेशियों के लिए पानी का संकट पैदा होने लगा है। क्षेत्र के रामसिंह, अजय कुमार, बाबू राम चौधरी ने बताया कि दो-चार पोखरों को छोड़कर अधिकांश में पानी नहीं है। यदि समय रहते इन्हें भरा नहीं गया तो पशु-पक्षियों को जरूरत भर पानी नहीं मिल सकेगा।ग्रामीण रामसिंह चौधरी, सदानंद मिश्रा, अरविंद कुमार ने कहा कि हर वर्ष लाखों रुपये पोखरों की खुदाई व सुंदरीकरण पर खर्च हो रहे हैं लेकिन गर्मी शुरू होते ही पानी सूख जाता है।