पुलिस के हत्थे चढ़े इंदौर के दो अंतर्राज्यीय ठग
बस्ती। शेयर मार्केट में निवेश कराने वाली फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों का वारान्यारा करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया। गिरोह का सरगना और उसका दाहिना हाथ कहे जाने वाला गुुर्गा हत्थे चढ़ गया। मध्य प्रदेश के इंदौर व धार जिले के निवासी दोनों जालसाजों के पास से पुलिस ने 28 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन व अन्य सामान बरामद किया। दोनों से पूछताछ में पता लगा कि एक वर्ष में 98 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है जिसमें से 36 लाख रुपये बस्ती के थे।
एएसपी पंकज ने प्रेसवार्ता में बताया कि शहर के शंभू दयाल प्रजापति को मल्टीनेशनल कंपनी में निवेश कराने के बहाने जालसाजों ने फंसाया। विभिन्न तिथियों में 36 लाख रुपये खाते में जमा कराए गए। बाद में पता लगा कि कंपनी फ्राड करके भाग गई है। कोतवाली में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। एएसपी ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक कोतवाली, प्रभारी स्वाट एवं प्रभारी सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को मूड़घाट चौराहे के पास दबिश देकर दोनों को धर दबोचा। इनमें जीवन लाल मारु निवासी बखेड़ा थाना राजौद जिला धार, मध्यप्रदेश हाल मुकाम श्रीनगर कॉलोनी थाना देवास जनपद देवास एवं संग्राम सिंह चौहान उर्फ अतुल निवासी कृष्णाबाग कॉलोनी निकट आर्मी हेड क्वाटर जनपद इंदौर, मध्य प्रदेश शामिल हैं। एएसपी ने बताया कि दोनों मुल्जिमों के किसी अधिवक्ता से मिलने के लिए मूड़घाट पर मौजूद होने की सूचना मिली। टीम ने मूड़घाट चौराहे पर कटरा की तरफ जाने वाली सड़क के किनारे खड़े दो युवकों को मुखबिर के बताने पर पकड़ लिया। इससे पहले विजय नगर इंदौर में भी ये दोनों इसी तरह की जालसाजी में जेल भेजे गए थे।
10 बार में जमा कराए थे रुपये
फर्जी कंपनी चला रहे जीवन लाल मारू का ठगी के शिकार हुए शंभू दयाल से अगस्त 2018 में पहली बार संपर्क हुआ। शुरुआत में अच्छे रिटर्न का सब्जबाग दिखाकर उसने 50 हजार रुपये निवेश कराया जिसके एवज में उसने छह हजार रुपये प्रतिमाह देने लगा। चार महीने तक लगातार छह हजार रुपये पाकर शंभूदयाल को भरोसा हो गया। नवंबर 2018 से 10 महीने के बीच 10 बार में कुल 36 लाख तीन हजार आठ सौ रुपये जमा कराया गया। फोन के जरिए दोनों पक्ष का संपर्क होता रहा लेकिन दिसंबर 2019 से अचानक दोनों शंभू दयाल से कन्नी काटने लगे। 30 जनवरी 2020 को कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। जिसका पुलिस ने शुक्रवार को वर्कआउट किया।
बेरोजगारी से त्रस्त हो करने लगा फ्राड
पकड़े गए दोनों जालसाजों ने बताया कि बेरोजगारी से त्रस्त होकर धोखाधड़ी का रास्ता अख्तियार किया। गिरफ्त में आया जीवन लाल मारू किसी शेयर ब्रोकिंग कंपनी में काम करता था। उसने बताया कि संग्राम सिंह चौहान उर्फ अतुल और विनय उर्फ विनय ठाकुर को शामिल कर प्रीमियम रिसर्च फाइनेंसियल सर्विसेज व प्रीमियम कैपिटल सर्विसेज नाम की दो फर्जी कंपनी बनाई गई। शंभू दयाल प्रजापति को विभिन्न तिथियों में अच्छा रिटर्न देने का वादा करके फर्जी एग्रीमेंट करा लिया। दोनों ने बेबाकी से बताया कि उनके रोजगार का यही जरिया है।