बस्ती। कोतवाली क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं को हल्के में लेना, मौके पर
घटना स्थल पर न पहुंचना, अधिकारियों निर्देशों की नाफरमानी शहर कोतवाल पर
भारी पड़ गया। शनिवार की रात एसपी ने कोतवाल डीके श्रीवास्तव को तत्काल
प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
उनके स्थान पर अभी किसी अन्य
इंस्पेक्टर की तैनाती नहीं की गई है। कोतवाली क्षेत्र में बढ़ रही चोरी की
घटनाओं पर अंकुश न लगा पाने के कारण कोतवाल डीके श्रीवास्तव की किरकिरी
काफी दिन से हो रही थी। बाइक चोरी की घटनांए रुकने का नाम तक नहीं ले रहीं
थी।
बार बार निर्देशों के बावजूद घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा
था। हालांकि कोतवाल के साथ ही कुछ चौकी प्रभारी भी इसके जिम्मेदार थे।
गांधीनगर क्षेत्र में ताबड़तोड़ चोरियों के कारण कोतवाल की अधिक छीछालेदर
हो रही थी। नए एसपी शिवहरी मीणा के बस्ती में ज्वाइन करने के बाद से ही
कोतवाल को हटाने की चर्चा चल रही थी।
गुरुवार की रात केडीसी के
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आनंद स्वरूप मिश्र और एक अन्य पर कुछ लोगों ने घर
पर चढ़कर हमला किया। उनके घर पर ईंट पत्थर फेंके थे। इस मामले में कोतवाली
पुलिस ने केवल एनसीआर दर्ज किया। ऐसे में पीड़ित पक्ष शनिवार को एसपी से
मिला। माना जा रहा है कि इस मामले को एसपी ने गंभीरता से लिया और कोतवाल के
खिलाफ कार्रवाई कर दी। वहीं कुछ मामलों में अधिकारियों के निर्देशों की
नाफरमानी भी निलंबन का कारण बताया जा रहा रहा है।
एसपी शिवहरि मीणा
ने कहा कि आपराधिक घटनाओं पर अंकुश न लगा पाने वाले, छोटी-छोटी घटनाओं को
गंभीरता से न लेने वाले, घटनास्थल पर नहीं पहुंचने वाले, मामलों के
अल्पीकरण के साथ प्राथमिकी दर्ज करने में हीलाहवाली करने वाले प्रभारी
निरीक्षकों और थानेदारों को बख्शने के मूड में नहीं है।