बस्ती। तहसील मुख्यालय पर ग्राम न्यायालय के गठन के विरोध में अधिवक्ताओं
का कार्य बहिष्कार अब चार जनवरी तक चलेगा। पांच जनवरी से सामान्य कामकाज
होगा। इसी बीच चार जनवरी को राज्यपाल से मिलने अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल
मिलेगा।
अधिवक्ता संघों के साधारण सभा की बैठक शुक्रवार को सिविल
बार के सभागार में हुई। इसमें सिविल बार के अध्यक्ष रमाशंकर पांडेय
सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि न्यायिक कार्य से विरत रहने के प्रस्ताव
को संसोधित करते हुए चार जनवरी तक पूरी तरह से कार्य बहिष्कार रहेगा।
इसके
बाद पांच जनवरी से कार्य करेंगे। सिर्फ सप्ताह के अंतिम कार्य दिवस को
विरोध स्वरुप न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। ग्राम न्यायालय के बारे में
संघर्ष समिति निर्णय लेगी। जनपद बार के महामंत्री रविशरण सिंह ने बताया कि
चार जनवरी को अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल
के साथ राज्यपाल से मिलेगा। जिसमें इस मसले पर व्यापक चर्चा होगी।
यंगबार
के अध्यक्ष भानुप्रताप शुक्ला ने कहा कि अधिवक्ता हितों के साथ ही
वादकारियों का हित देखना भी हमारा कर्त्तव्य है। अंत में सप्ताह के आखिरी
कार्यदिवस को न्यायिक कार्य से विरत रहने की राय दी। इस पर सभी ने सहमति
जताई।
विजय कुमार चौधरी, राममिलन शुक्ल, वीरेंद्र नाथ पांडेय,
गोपाल चंद्र पांडेय, महेश कुमार श्रीवास्तव, राजकुमार श्रीवास्तव, शेषनाथ
पाठक, देवेंद्र कुमार त्रिपाठी, शशि प्रकाश शुक्ल, अजय पाल, दिनेश नरायण
त्रिपाठी, चिंतामणि पांडेय, उपेंद्र नाथ दुबे ने साधारण सभा के निर्णय को
सही ठहराया।
संचालन सिविल बार के महामंत्री प्रेमप्रकाश श्रीवास्तव
ने किया। इस मौके पर बद्री प्रसाद दुबे, परमात्मा प्रसाद चौधरी, विनोद
सिंह, नंदलाल सिंह, सुमेश्वर प्रसाद यादव, रामरतन पांडेय, रामकृपाल चौधरी,
मारुत कुमार शुक्ल, शरद कुमार चतुर्वेदी, अशोक कुमार ओझा, शैलेंद्र पाल आदि
मौजूद रहे।