बस्ती। गिरोह बंद अपराध को लेकर बस्ती पुलिस अलर्ट हो गई है। विभिन्न क्षेत्रों में अपराध करने वाले तीन गिरोह के गुर्गों को पुलिस ने पकड़ा भी है। 15 दिन के भीतर 12 लोग सलाखों के पीछे भेजे जा चुका है। इसमें पशु तस्कर, डीजल चोरी करने वाले से लेकर साइबर ठगी करने वाले गैंगस्टर और इनामिया बदमाश शामिल हैं।
अलग-अलग गिरोह में बस्ती, गोंडा, संतकबीरनगर और अंबेडकर नगर तक के आरोपी पकड़े गए हैं। गिरोह के इन सदस्यों के जरिये पुलिस को तमाम खुफिया जानकारी भी मिली है। अन्य संदिग्धों को पकड़ने के लिए पुलिस ने आसपास के जनपदों में जाल बिछाना शुरू कर दिया है। इसके लिए अलग-अलग टीमें लगाई गईं हैं।
परशुरामपुर थाना पुलिस ने 18 मई को आठ पशुतस्करों के गिरोह को पकड़ा था। इसमें दो गोंडा, दो संतकबीरनगर और चार बस्ती जिले के आरोपी शामिल रहे। संतकबीर नगर के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र का मोहम्मदपुर कछार निवासी सद्दाम पशु तस्करी का सरगना निकला। वह एक साल पहले ही बस्ती पुलिस के रडार पर आ गया था। उसने वर्ष 2025 में वाहन चेकिंग करते समय पशुओं से भरी पिकअप तत्कालीन एसओजी प्रभारी के ऊपर चढ़ाने की कोशिश की थी।
इसके बाद पुलिस को चकमा देकर भाग गया था। पुलिस को गिरोह के इन सदस्यों से पशु तस्करी एवं गोवंश के वध से संबंधित काफी कुछ जानकारी हासिल हुई है। शहर के गांधीनगर, वॉल्टरगंज थाना क्षेत्र के जमदाशाही समेत ग्रामीण अंचल में संचालित गोवध अड्डे और उसमें शामिल लोगों का पता पुलिस को चल गया है। पुलिस की एक टीम संदिग्धों के पीछे पड़ी हुई है। इन संदिग्ध अड्डों पर पुलिस की नजर भी है। इसके अलावा अंबेडकरनगर, संतकबीरनगर और गोंडा जिले के उन पशु तस्करों की भी तलाश तेज हो गई जिनकी गतिविधियां एजेंटों के जरिये बस्ती में बनी रहती है। इसी तरह हाईवे पर खड़ी वाहनों से डीजल चुराने वाला गैंग भी एक दिन पहले पुलिस के हत्थे चढ़ा है।
इसमें इसमें गैंगस्टर एवं 25 हजार का इनामियां समेत तीन लोग गिरफ्तार किए गए हैं। तीनों आंबेडकरनगर जिले के रहने वाले हैं। इनामियां एवं गैंगेस्टर का आरोपी भीम पांडेय के खिलाफ छावनी थाने में एक साल पहले भी डीजल चोरी के मामले में कार्रवाई हो चुकी है। इस गिरोह के जरिये पुलिस को अन्य संदिग्धों की भी जानकारी हुई है। डीजल चोरी की घटना को अंजाम देने में अयोध्या के भी कुछ संदिग्ध शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी खोज में जुट गई है। जबकि साइबर ठगी का एक गिरोह गोंडा जिले से संचालित होते हुए पाया गया है। दो दिन पहले साइबर पुलिस के हत्थे चढ़ा गिरोह का सदस्य गोंडा के धानेपुर थाना के सपहा गांव का रहने वाला विशाल पुलिस से कई राज खोला है। इसमें बैंक के कुछ अधिकारी, कर्मचारी की भूमिका भी संदिग्ध है।
साइबर पुलिस की टीम इस नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। यदि पुलिस सफल हुई तो आसपास के कई जनपदों में इस तरह का अपराध करने वाले कई शातिर पकड़ में आएंगे।