जिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे मरीज संवाद
- फोटो : कामता प्रसाद इंटर कॉलेज बोर्ड परीक्षा केंद्र पर बना सीसीटीवी कंट्रोल रूम।
बस्ती। बदलते मौसम का असर लोगों की सेहत पर पड़ा है। दिन में तेज धूप और सुबह-शाम की ठंड के कारण बच्चे और बुजुर्ग सर्दी, खांसी, बुखार व वायरल संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल के वार्ड बुजुर्ग मरीजों से पूरी तरह भर गया है, जबकि बाल रोग वार्ड में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है। जांच में बुजुर्गों व बच्चों में निमोनिया के लक्षण मिल रहे। ऐसे मरीजों की भीड़ बढ़ी है। कई मरीजों को आईसीयू में रखने की जरूरत पड़ रही है। चिल्ड्रेन वार्ड में 17 बच्चे भर्ती हैं, अधिकांश में उल्टी-दस्त, बुखार और सीवियर निमोनिया के लक्षण हैं। कई में सांस व जकड़न की शिकायत है। चेस्ट विभाग की डॉ. रक्क्षना का कहना है कि मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण खांसी, जुकाम, बुखार और सांस संबंधी मरीज बढ़े हैं। दिन में गर्मी और सुबह-शाम की ठंड बुजुर्गों के लिए ज्यादा परेशानी का कारण बन रही है।
उन्होंने सलाह दी कि सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनें, सिर और कान ढककर रखें, ठंडा पानी न पीएं और ताजा भोजन का सेवन करें। जांच में निमोनिया मिल रहा है। ऐसे मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। मंगलवार को ओपीडी में 867 मरीज की जांच हुई, अधिकांश मरीज मेडिसिन विभाग के ही थे।
बच्चों-बुजुर्गों में ऐसे लक्षणों पर दें ध्यान : एमडी डॉ. पीएल गुप्ता के अनुसार, वैसे तो निमोनिया किसी भी उम्र में हो सकता है, पर बच्चों-बुजुर्गों में इससे संबंधित जटिलताओं का खतरा अधिक होता है। बच्चों में कई बार इसके स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आते हैं। कुछ बच्चों में निमोनिया के कारण सांस की तकलीफ, उल्टी या खाने-पीने में परेशानी हो सकती है। पांच साल से कम उम्र के बच्चों में तेज सांस या घरघराहट जैसी दिक्कतें देखी जाती है। वृद्ध लोगों में सांस की जटिलताओं का खतरा अधिक देखा जाता रहा है।