संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को रफ्तार नहीं मिल पा रही है। साल भर के भीतर बमुश्किल एक हजार लाभार्थी भी नहीं हो पाए हैं।
योजना में ऑनलाइन आवेदन करने वालों की संख्या 10 हजार से अधिक हो चुकी है। इसमें मध्यम वर्गीय लोगों की संख्या ज्यादा है। बैंकों से ऋण न होने की वजह से अधिकतर मामले लंबित हैं। इस वजह से हर घर बिजली उत्पादन की मंशा साकार नहीं हो पा रही है।
बैंक, विद्युत और नेडा के समन्वय से यह योजना संचालित की जा रही है। नेडा के तहत इस योजना के लाभार्थियों को केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से 50 से 60 फीसदी सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। सब्सिडी की यह धनराशि सोलर उपक्रम लगाने के बाद ही मुहैया कराई जा रही है।
इसके पहले उपक्रम लगवाने के लिए उपभोक्ताओं को ऋण की सुविधा अनुमन्य है। बैंकों के असहयोग के चलते योजना को रफ्तार नहीं मिल पा रही है।
आम उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली देने के उद्देश्य से हर घर ऑनग्रिड सोलर रूफटाॅप संयत्र लगवाने की मुहिम छेड़ी गई है, ताकि बिजली का उत्पादन प्रत्येक घर में किया जा सके। प्रथम चरण में जिले के 15000 उपभोक्ताओं को इस योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित है।
अब तक लाभान्वित होने वाले उपभोक्ताओं की संख्या एक हजार से अधिक नहीं हो पाई है।
इसके पीछे बैंकों की ओर से सोलर संयंत्र के लिए ऋण आवेदनों को निरस्त करने की सबसे बड़ी वजह सामने आ रही है। नौ हजार से अधिक आवेदन बैंकों में लंबित हैं। व