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Basti News: सीसी टीवी के जरिए हादसे रोकने की तैयारी, हर एक किमी पर दिखेगा कैमरा

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बस्ती। राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर अब वाहनों की हर गतिविधि 24 घंटे कैमरे में कैद होगी। इससे दुर्घटनाओं पर न सिर्फ लगाम लगाने की तैयारी है बल्कि मौत के आंकड़े में भी कमी लाने की योजना है। हर एक किमी पर लगने वाले कैमरे की नजर में हर गतिविधियां कैद होती रहेंगी। इससे संबंधित विभाग प्रभावी कार्रवाई भी कर सकेगा।
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इसके अलावा बिजली कटने और बैकअप फेल होने के कारण कैमरों के बंद हो जाने की समस्या भी खत्म होगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) राजमार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के संचालन के लिए सोलर प्लेट लगवाने जा रहा है। सड़क दुर्घटनाओं, ओवरस्पीडिंग, अवैध वसूली और आपराधिक घटनाओं की निगरानी सीसीटीवी के जरिये होगी। इसके लिए जनवरी 2027 तक लक्ष्य रखा गया है। इससे गोरखपुर से अयोध्या तक हाईवे पर हर एक किमी. पर स्मार्ट कैमरे दिखेंगे। ये कैमरे सिर्फ निगरानी नहीं करेंगे, बल्कि उनके कैद फोटो और वीडियो गतिविधियों के गवाह भी रहेंगे। कई बार जरूरी फुटेज नहीं मिलने से जांच में दिक्कत आती है। इस समस्या को दूर करने के लिए एनएचएआई ने हाईवे के संवेदनशील जगहों की पहचान की है। इन सभी स्थानों पर कैमरे लगाए जाएंगे।
कैमरों की लगातार होगी निगरानी
सोलर प्लेट से प्राप्त ऊर्जा को दिन में बैटरी में संरक्षित किया जाएगा। कैमरे के पास विशेष बैटरी लगाई जाएगी ताकि रात में या बादल वाले दिन भी कैमरों को निर्बाध बिजली मिलती रहे। जानकारी के अनुसार सोलर सिस्टम लगने के बाद कैमरों को 24 घंटे पावर बैकअप मिलेगा। इससे ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन, हिट एंड रन (सड़क हादसा), चोरी व अन्य आपराधिक गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। दुर्घटना होने की स्थिति में फुटेज तुरंत उपलब्ध हो जाएगी, जिससे पुलिस व प्रशासन को जांच में मदद मिलेगी। पहले चरण में टोल प्लाजा के आसपास, दुर्घटना संभावित क्षेत्र और घनी आबादी वाले इलाकों को प्राथमिकता दी गई है। मालूम हो कि इन कैमरों का फुटेज इस रूट में आने वाले टोल प्लाजा पर बने कंट्रोल रूम में स्टोर होता रहेगा।
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सीसीटीवी के अलावा लगेंगे 419 डिजिटल उपकरण
सीसीटीवी के अलावा गोरखपुर से अयोध्या तक कुल 419 डिजिटल उपकरण लगेंगे। 238 कैमरे वाहनों पर नजर रखी जाएगी। हाईवे के 11 चौराहे हाईटेक कैमरों से लैस होंगे। इसके अलावा वेरिएबल मैसेज साइन डिस्प्ले 18, व्हीकल एक्टुएटेड स्पीड डिटेक्शन सिस्टम 24, एटीएमएस कंट्रोल सेंटर दो, एटीएमएस सब कंट्रोल सेंटर एक, इमरजेंसी कम्युनिकेशन सिस्टम 122, मोबाइल रेडियो कम्युनिकेशन सिस्टम तीन लगाए जाएंगे। हाईटेक कैमरे 200 किमी स्पीड से जा रहे वाहनों के नंबर पढ़ सकते हैं। कैमरों की मॉनिटरिंग टोल प्लाजा से होगी। हादसा होने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। कैमरे से हादसे का कारण पता चल जाएगा। कैमरों से रोड की प्रतिदिन की स्थिति का पता चल जाएगा। हाईवे की एंबुलेंस सेवा हादसों में घायल लोगों के लिए मददगार साबित होगी।



कंट्रोल रूम बनेगा, मूविंग साइनबोर्ड लगेंगे



हाईवे पर हादसों की रोकथाम के लिए एनएचएआई जगह-जगह मूविंग साइनबोर्ड भी लगाएगा। साइनबोर्ड से स्थान का नाम, स्पीड कम करने सहित अन्य जानकारियां वाहन चालकों को मिलेगी। इसके अलावा कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। यह कार्य दो माह में एनएचएआई पूरा करने का दावा किया है।



प्रतिदिन हाईवे से गुजरते हैं 15 से 16 हजार वाहन वाले



बस्ती-अयोध्या हाईवे पर प्रतिदिन 15 से 16 हजार वाहन गुजरते हैं। हाईवे से गुजरने वाले वाहनों से टोल वसूली के लिए दो टोलप्लाजा बना है। मड़वानगर बस्ती शहर और फिर हर्रैया क्षेत्र के छावनी के पास चौकड़ी में संचालित हैं। टोल कर्मचारियों के अनुसार, दोनों टोल पर वाहन गुजरने का औसत बदलता रहता है।



बोले राहगीर



हाईवे पर सुरक्षित सफर में अभी तमाम बाधाएं हैं। सीसी टीवी और साइन बोर्ड लगने से कुछ हद तक हादसे कम होंगे। यह पहल ठीक है। अवैध कट भी बंद होने चाहिए, वह भी हादसे के कारण बनते हैं।



श्रीराम निषाद, संसारीपुर


नियमों के विपरीत चलने वाले वाहनों पर कैमरे से सख्ती ठीक है, लेकिन मॉनिटरिंग प्रणाली को थोड़ा दुरुस्त करना होगा। जो सिस्टम लग रहे उसे अपडेट करते रहें और समय पर राहगीरों के काम आए।
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रामनिहाल शुक्ल, देवरी



हाईवे के हादसे पर एक नजर



सड़क दुर्घटना की संख्या



2025 में 348



2026 में 346



मृतकों की संख्या



2025 में 233



2026 में 223



घायलों की संख्या



2025 में 229



2026 में 232



जनवरी तक प्रस्तावित कार्य पूर्ण हो जाएंगे, इससे वाहनों पर निगरानी हो सकेगी तो दुर्घटना में कमी भी आएगी।



अंकित, पीडी, एनएचएआई, गोरखपुर
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