26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाए जाने वाले इस पर्व को लेकर वरिष्ठ नागरिकों में खूब जोश दिया। हर कोई इस दिवस को यादगार बनाना चाहता है। किसी ने अमेरिका में झंडा फहराया कर यादगार बनाया तो किसी महिला प्रधानाचार्य ने पहली बार पुलिस फोर्स के बीच झंडा फहराकर इस पल को यादगार बना दिया।
बेगम खैर गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या नीलोफर उस्मानी ने बताया कि वर्ष 1995 का गणतंत्र दिवस उनके लिए यादगार बनकर रह गया। बताया कि प्रधानाचार्या के रूप में यह उनकी पहला गणतंत्र दिवस था, जब उन्होंने विवाद के चलते पुलिस फोर्स के बीच पहली बार स्कूल में झंडा फहराया। बताया कि जिस माहौल में उन्होंने 20 साल पहले झंडा फहराया वह हमेशा यादगार रहेगा।
सामाजिक कार्यकर्ता श्याम प्रकाश शर्मा ने बताया कि तीन साल पहले वह अपने छोटे भाई से मिलने अमेरिका के शहर एलेक्जेंडिया गए थे, वहां पर उन्होंने अपने भारतीयों के साथ मिलजुल कर झंडा फहराया। बताया कि उन्हें यह देखकर बहुत खुशी हुई कि सभी लोग मिलकर झंडा फहराया और राष्ट्रगान गाया। एक स्वर में जयहिंद के नारे लगाए। बताया कि इस पल देखकर उन्हें याद कभी नहीं लगा कि वह भारत में नहीं है।
वरिष्ठ नागरिक वसीम अंसारी ने बताया कि वह वर्ष 1950 का गणतंत्र दिवस कभी नहीं भूलेंगे, जब वह और उसके दोस्तों ने मिलकर सक्सेरिया इंटर कालेज में गणतंत्र दिवस के एक दिन पहले रात्रिभर मोमबत्ती जलाकर जागते रहे। उस समय वह सक्सेरिया कालेज में पढ़ रहे थे। गएतंत्र दिवस को लेकर उस समय हम सभी में अजीब सा जोश था। मोमबत्ती जलती रहे इसके लिए सभी रात भर जागते रहे।
वरिष्ठ नागरिक सत्येंद्रनाथ मतवाला ने बताया कि वह पिछले पचास साल से गणतंत्र दिवस को यादगार बनाने के लिए मनाते आ रहे हैं। उनके लिए हर गणतंत्र दिवस एक यादगार की तरह रहता है। बताया कि वर्ष 2012 में गांधीकला भवन में बापू की प्रतिमा के नीचे मनाया गया गणतंत्र उन्हें हमेशा याद रहेगा। बताया कि प्रत्येक नागरिक को गणतंत्र दिवस के दिन को यादगार बनाना चाहिए।