राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन मेले की तर्ज पर हुआ। छूट का लाभ और समाधान कराने के लिए जनपद न्यायालय और तहसील परिसर में मेले जैसा माहौल रहा। लोक अदालत में ऐसे भी मामले सामने आए जब उन्हें नोटिस मिला कि बैंक का बकाया चुकता करें।
जनपद न्यायालय परिसर में लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में लोगों की सहूलियत के लिए बैंकों और बीएसएनएल सहित अन्य विभागों की ओर से शिविर लगाए गए। अधिकारियों की देख-रेख में कई मामलों का निपटारा हुआ। 15 साल पुराने मामले भी समझौते के तहत सुलझाए गए। सबसे अधिक मामले बैंक से लोन लेकर चुकता न करने वालों के रहे। सदर तहसील के डीएम न्यायालय में सात, एसडीएम के न्यायालय से 315 और तहसीलदार न्यायालय से कुल 141 पुराने मामले निपटाए गए। इसमें दाखिल खारिज, नाम दुरुस्ती और फौजदारी से लेकर नक्शा सुधार के मामले निपटाए गए।
एसबीआई ने 1700 मामले निपटाए
राष्ट्रीय लोक अदालत में आए एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक आलोक कुमार ने बताया कि जिले की 37 शाखाओं से कुल लगभग 1700 मामले इस लोक अदालत में आपसी सुलह से निस्तारित किए गए। बताया कि बैंक की ओर से ऋण समाधान योजना 31 जनवरी 2018 तक चलेगी। इसमें 50 फीसदी की छूट दी जा रही है। लोग इसका लाभ उठाएं। साथ ही आधार को खाते से अवश्य लिंक कराएं। इस मौके पर विशेष रूप में एसबीआई के उप महाप्रबंधक मो. इम्तियाज मौजूद रहे।
जिला जज ने जायजा लिया
सुप्रीमकोर्ट एवं हाईकोर्ट राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देश पर शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयशील पाठक की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की गई। लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य सुलह के आधार पर वादों का निस्तारण करना है। जिला जज ने अपर जिला जज, सिविल जज अन्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और अधिवक्ताओं के साथ राष्ट्रीय बैंकों एवं भारतीय संचार निगम के निदान केंद्रों का अवलोकन किया। इस दौरान अशोक कुमार सिंह, राम मिलन सिंह, इरफान अहमद, मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज मनोज कुमार, सिविल जज एवं सचिव मोहन लाल आदि उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत में बरगदवा से आए राम अवतार सिंह का कहना था कि उन्हें लोन के बकाए धनराशि का पता 11 साल बाद तब चला जब पूर्वांचल बैंक ने नोटिस देकर लोक अदालत में हाजिर होने के लिए कहा। बताया कि 25 हजार रुपये का बकाया है। समझ में नहीं आता क्या करूं।
मझौवा चौधरी से आए तिलकराम ने कहा कि साइकिल मरम्मत और पंक्चर बनाने के लिए दो साल पहले पूर्वांचल बैंक से उन्होंने 25 हजार रुपये लोन लिया था। बीमार हो गए तो सब खर्च हो गया। कैसे कर्ज चुकाएं। किसी से एक हजार रुपये कर्ज लेकर आया हूं। कम बता लौटा दिया गया।
बरगदवा की 55 वर्षीय संता देवी पत्नी दिवंगत नाहर कहने लगीं कि पति ने लोन लिया था, इस बात का पता उसे बैंक से नोटिस मिलने के बाद हुआ। बैंक ने 47 हजार रुपये के बकाए का नोटिस भेजा है। इसी सिलसिले में आई हूं। बकाया तो जमा करना ही होगा, वरना कुर्की कर दी जाएगी।
कलवारी से आए संतराम कहते हैं कि बैंक से नोटिस मिलने के बाद वह भागे-भागे लोक अदालत में आए हैं। कहते हैं कि उनकी जानकारी में जितना भी लोन था, सब चुकता हो गया। फिर भी बैंक वालों ने लगभग 26 हजार रुपये का बकाया भेज दिया। उसी के समाधान के लिए आया हूं।