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नाममात्र की खरीद, क्रय केंद्र बंद

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जागरूकता - फोटो : amar ujala
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सचिवों ने कहा, उठान न होने से भर गया भंडारगृह
अमर उजाला ब्यूरो
बनकटी। 
क्षेत्र में संचालित पीसीएफ के धान क्रय केंद्रों पर बैनर तो नजर आ रहे हैं लेकिन खरीद बंद है। यहां केंद्र प्रभारी यह कहकर धान लेने से मना कर रहे हैं कि उठान न होने के कारण भंडारगृह भर गए हैं। इस कारण धान रखने की जगह नहीं है। वहीं, दूसरी ओर खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से संचालित क्रय केंद्र पर धान खरीद जारी है।
ब्लॉक क्षेत्र में धान की खरीद के लिए पीसीएफ के चार, खाद्य एवं रसद विभाग के दो सहित कुल सात केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें केवल भैंसा पांडेय को कर छोड़ सभी क्रय केंद्रों पर छिटपुट खरीद के बाद केंद्र बंद कर दिए गए। पीसीएफ के खोरिया बसौढ़ी में 520 क्विंटल, सजनाखोर कथरुवां में 765 क्विंटल, पकरीचंदा 504 क्विंटल तथा मुंडेरवा में भी इसी अनुपात में खरीददारी की गई है। जबकि खाद्य रसद विभाग के विपणन शाखा की ओर से भैंसा पांडेय केंद्र पर 490 क्विंटल की खरीद हुई है। यही नहीं प्राइवेट प्लेयर्स के देईसाड़, खरवनिया क्रय केंद्रों पर कागज में खानापूरी की गई जबकि धरातल पर खरीद शून्य है। किसान रामफेर चौधरी, परमात्मा चौधरी, जोखन चौधरी ने बताया कि वैसे ज्यादातर किसान बिचौलियों के हाथ अपना उत्पाद बेच चुके हैं। जिला प्रबंधक पीसीएफ अमित कुमार चौधरी ने बताया कि किसानों के धान मानक के अनुरूप नहीं मिल पा रहे हैं। इसके अलावा कुछ केंद्रों पर स्टोर भर गया है। इससे खरीदारी में समस्या आ रही है। एकाध दिन में डिलिवरी की व्यवस्था करा दी जाएगी।
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औसत से कम खरीद पर एसडीएम खफा
रुधौली। तहसील क्षेत्र में स्थापित धान क्रय केंद्रों पर औसत से कम खरीद की जानकारी पर एसडीएम कीर्ति प्रकाश भारती ने नाराजगी जताई। इसे लेकर क्रय केंद्र प्रभारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। एसडीएम शुक्रवार को क्रय केंद्र प्रभारियों के साथ तहसील सभागार में धान खरीद की समीक्षा कर रहे थे। प्रभारियों ने खरीद एजेंसियों की ओर से पर्याप्त संसाधन उपलब्ध न कराए जाने की बात प्रमुखता से उठाई। एसएमआई प्रवीण कुमार, क्रय केंद्र प्रभारी रमापति, विपिन कुमार, दिनेश उपाध्याय, रामकेवल यादव आदि ने बताया कि खरीद एजेंसियों की ओर से क्रय केंद्रों पर पॉवर पंखा और झरना सहित कुछ अन्य संसाधन मौजूद नहीं हैं। इससे कि धान खरीद नहीं हो पा रही है। पंखा न होने के कारण धान को ओसाना संभव नहीं है। वहीं, दूसरी ओर कुछ केंद्रों पर कांटा, बिजली सप्लाई तक नहीं है। इससे भी धान खरीद में रुकावट आ रही है। एसडीएम ने एजेंसियों को पत्र लिखने के लिए कहा है। 
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