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खौफ: अब बस्ती में दिखा भेड़ियों का झुंड, दहशत- पहले भी मिल चुके हैं खूनी भेड़िये- टीमें तलाश में जुटीं

Sun, 08 Sep 2024 12:20 PM IST
रोहित सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया

सार

निवार रात कप्तानगंज थाना क्षेत्र के ऐंठी मेढौआ गाँव के गन्ने के खेत में भेड़ियों की झुंड को ग्रामीणों ने देखा।ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग और पुलिस टीम पहुंची। घंटों भेड़ियों की तलाश की गई लेकिन उनका झुंड गन्ने के खेत में गायब हो गया। पूरे इलाके में दहशत है। किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं।
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अंधेरे में खेत किनारे खड़ा भेड़ियों का झुंड - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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 बहराइच के बाद अब  बस्ती के कप्तानगंज क्षेत्र में भी भेड़ियों का आतंक बढ़ रहा है। शनिवार रात कप्तानगंज थाना क्षेत्र के ऐंठी मेढौआ गाँव में गन्ने के खेत में भेड़ियों के झुंड को ग्रामीणों ने देखा। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग और पुलिस टीम पहुंची। घंटों भेड़ियों की तलाश की गई, लेकिन उनका झुंड गन्ने के खेत में गायब हो गया। पूरे इलाके में दहशत है। किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं।
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कप्तानगंज थाना क्षेत्र के ऐंठी गाँव के सीवान में कबीर आश्रम है। रात 12 बजे करीब आश्रम के अध्यक्ष विवेक नरायन त्रिपाठी उर्फ तुलसी अपनी कार से आश्रम से घर जा रहे थे। तभी गन्ने के खेत मे दर्जनों  भेड़ियों की झुंड दिखा। गांव के लोगों से गुहार करके जगाया और घटना की सूचना वन विभाग के अधिकारियों और पुलिस को दिया।
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भेड़ियों की तलाश करती वन विभाग और स्थानीय लोगों की टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मामले को गम्भीरता से लेते हुए कप्तानगंज थाने की पुलिस और कप्तानगंज के डिप्टी रेंजर ज्ञान प्रकाश गौतम, रबींद्र सिंह, सुनील मिश्रा पहुंच गए। घंटों भेड़ियों की तलाश करके वापस चले गये। भेड़ियों की झुंड मिलने की खबर पूरे इलाके में फैल गई हैं। गांव के बगल से बहने वाली मनोरमा नदी के जंगल में भेड़ियों का ठिकाना होने की चर्चा है। कप्तानगंज के रेंजर राजू प्रसाद ने बताया कि भेड़ियों के दिखने की सूचना पर रात में टीम गई थी। दिन में भेड़ियों को पकड़ने के लिए टीम लगाई गई है।

पहले भी इलाके में मिल चुके है खूनी भेड़िये
 कप्तानगंज थाना क्षेत्र के कई गांवों में पहले भी खूनी भेड़िये बकरियों को अपना शिकार बना चुके हैं। क्षेत्र के बनहर, थूहा, खोभा, बनहा, ओझागंज सहित कई गांवों में दो साल पहले खूनी भेड़िये का आतंक था। क्षेत्र के विजयपाल सिंह, राम मूरत, सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि पिंजरा लगाने के बाद भी वन विभाग की टीम खूनी भेड़िये को नहीं पकड़ पायी थी।
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