फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: तेज बुखार और सिरदर्द के मरीज बढ़े, जिला अस्पताल में एमडी मेडिसिन व न्यूरो सर्जन का अभाव

विज्ञापन
जिला अस्पताल में चिकित्सीय परामर्श के लिए इंतजार करते मरीज संवाद
विज्ञापन
बस्ती। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भले ही बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हों, लेकिन जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है। मंडलीय जिला चिकित्सालय होने के बावजूद यहां न्यूरो सर्जन, एमडी मेडिसिन और हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) की तैनाती नहीं है। नतीजतन, गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ समेत अन्य जनपदों के उच्च केंद्रों पर रेफर करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

बदलते मौसम में तेज बुखार, सिरदर्द, हाई और लो ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसे मरीजों का उपचार फिलहाल सामान्य चिकित्सकों के भरोसे चल रहा है। विशेषज्ञों के अभाव में कई मरीजों को समय पर समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बाहर इलाज कराना बड़ी चुनौती बन गया है। करीब 30 लाख की आबादी वाले जिले में एक मेडिकल कॉलेज, 300 बेड का जिला अस्पताल, 125 बेड का महिला अस्पताल, 100 शैय्या चिकित्सालय हर्रैया, टीबी अस्पताल, 14 सीएचसी, 39 पीएचसी, 495 स्वास्थ्य उपकेंद्र, एक ट्रॉमा सेंटर और 267 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। इसके बावजूद विशेषज्ञ सेवाओं का अभाव बना हुआ है।
एमडी मेडिसिन के पद पर तैनात रहे डॉ. अंकित चतुर्वेदी के इस्तीफे के बाद यह पद रिक्त है। इससे मधुमेह, तेज बुखार और अन्य जटिल बीमारियों के मरीजों का उपचार जनरल फिजीशियन कर रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज पहुंचते हैं। बृहस्पतिवार को 1021 मरीजों ने परामर्श लिया, जिनमें मेडिसिन और बाल रोग विभाग में सबसे अधिक मरीज रहे।
विज्ञापन

-
ट्रॉमा सेंटर में भी नहीं मिल पा रहा विशेषज्ञ इलाज
जिले में ट्रॉमा सेंटर होने के बावजूद वहां न्यूरो सर्जन की तैनाती नहीं है। सड़क दुर्घटनाओं में सिर पर गंभीर चोट लगने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ रेफर करना पड़ता है। समय पर विशेषज्ञ उपचार न मिलने से कई मामलों में मरीजों की जान पर भी बन आती है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, रोजाना चार से पांच गंभीर न्यूरो मरीज रेफर किए जाते हैं। इसी तरह हृदय रोग से संबंधित प्रतिदिन 13 से 14 मरीज अस्पताल पहुंचते हैं। ईसीजी में गंभीर समस्या मिलने पर उन्हें फिजिशियन प्राथमिक उपचार देकर उच्च केंद्र भेज देते हैं।
-
बोले लोग
जिला अस्पताल में न्यूरो सर्जन न होने से जांच और इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है। सीटी स्कैन कराने के बाद भी विशेषज्ञ नहीं मिलने से समय पर इलाज नहीं हो पाता।
-बेबी खातुन, कोतवाली, बस्ती।
-
सिरदर्द, माइग्रेन, हाई-लो बीपी या शुगर जैसी समस्याओं का इलाज सामान्य चिकित्सकों से कराना पड़ता है। विशेषज्ञ नहीं होने से मरीजों को दूसरे शहर जाना पड़ता है।
-पंकज कुमार, पोखरा, बस्ती।
-
अस्पताल में विशेषज्ञों के नाम तो लिखे हैं, लेकिन इलाज सामान्य डॉक्टर कर रहे हैं। कई बार दवा से भी राहत नहीं मिलती। न्यूरो, हृदय रोग और एमडी मेडिसिन विशेषज्ञों की तैनाती जरूरी है।
-रामसुभग, आमाचांदी, ओड़वारा
-
न्यूरो सर्जन, हृदय रोग विशेषज्ञ और एमडी मेडिसिन चिकित्सक की तैनाती के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। फिलहाल वरिष्ठ परामर्शदाताओं से मरीजों का परीक्षण कराया जा रहा है। गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद ही उच्च केंद्र रेफर किया जाता है।
विज्ञापन

-डॉ. अनिल कुमार, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें