बस्ती। महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज बस्ती और जिला महिला अस्पताल में उसी दिन अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है। इसी प्रकार सीटी स्कैन की जांच रिपोर्ट के लिए मरीजों को एक से दो दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है।
अल्ट्रासाउंड कराने के लिए रोगियों को 20 दिन आगे की तारीख दी जा रही है। इससे मरीज मायूस होकर निजी सेंटरों पर जाकर जांच करा ले रहे हैं। इसके एवज में उन्हें जेब ढीली करनी पड़ रही है।
मेडिकल कॉलेज में दो मशीन लगी है। यहां दो रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अफसर और डॉ. राजेश पासवान तैनात हैं। इससे मरीजों को उम्मीद थी कि रेडियोलॉजी विभाग में सुधार होगा और रोगियों को जांच और रिपोर्ट समय से मिलेगी। मगर, जांच के लिए अब भी कम से कम 15 से 20 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। कारण, अल्ट्रासाउंड कराने वाले मरीजों की तदाद लगातार बढ़ रही है।
बताया गया कि अस्पताल में रोजाना 150 से 200 के करीब मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंचते हैं। इसमें सिर्फ 80 से 100 मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड हो पाता है। शेष को तारीख देकर वापस भेज दिया जाता है। इस वजह से रोगी काफी परेशान हैं। वहीं, सीटी स्कैन की भी रिपोर्ट समय से नहीं मिल पा रही है। मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन के लिए एक मशीन है, इससे समय से जांच और रिपोर्ट नहीं मिल पाती है। सीएमएस डॉ. समीर श्रीवास्तव का कहना है कि सीटी स्कैन कर जांच रिपोर्ट उसी दिन देने का प्रयास होता है। भीड़ अधिक होने पर अगले दिन रिपोर्ट दे दी जाती है। जिन जांचों में कोई गंभीर दिक्कत दिखती है, उन्हें चर्चा के बाद ही बनाया जाता है। रही बात अल्ट्रासाउंड के लिए लंबी तारीख मिलने की तो इसका निदान किया जाएगा। गर्भवती महिलाएं जिनका प्रसव होने वाला होता है उसी दिन अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट दे दी जाती है। यहां ओपीडी में 18 से 19 सौ पर्चे रोज बनते हैं। मेडिसिन विभाग में मरीज अधिक पहुंचते हैं।
जिला अस्पताल में हो रहा सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड : जिला अस्पताल की बात करें तो यहां रोजाना 20 से 25 अल्ट्रासाउंड होता है। एक मशीन और रेडियोलॉजिस्ट के रूप में डॉ. वीके सोनकर की तैनाती है। बताते हैं कि अल्ट्रासाउंड के लिए 50 से अधिक मरीज आते हैं, जिनकी जांच नहीं हो पाती उन्हें दूसरे दिन बुलाया जा रहा है। एसआईसी जिला अस्पताल डॉ. खालिद रिजवान अहमद ने बताया कि अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन हो रहा है। भीड़ अधिक होने पर अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन के लिए मरीजों को दूसरे दिन बुलाया जाता है, जो मरीज गंभीर और इमरजेंसी के होते हैं उन्हें कोशिश होती है कि रिपोर्ट सेम डे दे दिया जाए। यहां रोजाना सात से आठ सौ मरीज ओपीडी में आते हैं।
रक्तचाप और हृदय रोगियों की बढ़ रही सांसत : बदलते मौसम में हृदय और रक्तचाप से संबंधित मरीजों की सांसत बढ़ी है। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज में ऐसे मरीज बढ़े हैं। उन्होंने फिजिशियन परामर्श दे रहे हैं। वहीं, सर्दी-जुकाम और सिर में दर्द समेत वायरल की शिकायत भी लिए मरीज आ रहे हैं।