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प्रवासी मतदाताओं को घर बुलाने की कोशिशें तेज

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प्रवासी मतदाताओं को घर बुलाने की कोशिशें तेज
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बस्ती। विधानसभा चुनाव का प्रचार परवान चढ़ने लगा है। प्रत्याशी एक-एक वोट को साधने की जुगत में लगे हैं। ऐसे में प्रवासी मतदाताओं को कैसे भुलाया जा सकता है, जो रोजी-रोजगार के सिलसिले में यहां सैकड़ों किलोमीटर दूर हैं। इन मतदाताओं को एक दिन की ही खातिर घर बुलाने की कोशिशें तेज हो गई हैं, ताकि उनका वोट पड़ सके।
उम्मीदवार इन दिनों शहर, कस्बों से लेकर गांवों तक में घूम कर सुबह से लेकर शाम तक वोटरों की चरणवंदना करने में जुट गए हैं। उन्हें अब ऐसे वोटरों की भी याद आने लगी है, जो यहां बेहतर काम-धंधा न मिलने की दशा में घर-परिवार से दूर अन्य राज्यों में पसीना बहा रहे हैं। इन परदेसी बाबुओं को वोट डालने के लिए बुलाने का सिलसिला शुरू हो गया। कुछ ने तो घर वापसी की तैयारी भी कर ली है, और छुट्टी के लिए अर्जी भी लगा चुके हैं। दरअसल, चुनाव चाहे कोई भी हो, इसमें एक-एक वोट की अपनी अहमियत होती है। लिहाजा प्रत्येक वोट को अपने पक्ष में डलवाने के लिए प्रत्याशियों की टीमें सक्रिय हो गईं। वोटरों को साधने के साथ मतदाताओं की घेराबंदी भी शुरू हो गई, जिससे वोट छिटकने नहीं पाए।
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तैयार है सूची, फोन कर दे रहे रिश्तों की दुहाई
जनपद में रोजगार का अभाव होने पर जिंदगी की गाड़ी को खींचने के लिए शहर व ग्रामीण इलाके के सैकड़ों लोग परदेस में रहकर जीवन-यापन कर रहे हैं। इनकी सूची विधानसभा चुनाव के समर में ताल ठोंकने के लिए तैयारी करने वाले नेताओं ने पहले ही तैयार कर ली है। कार्यकर्ता उन्हें फोन कर रिश्तों तक की दुहाई दे रहे हैं। वहीं, तमाम मजदूरी पेशा लोगों को आने-जाने का खर्च भी देने का भी वादा करने से नहीं चूक रहे हैं।
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क्या कहते हैं प्रवासी मतदाता
मतदान करना हमारा मौलिक अधिकार है। हर बार की भांति इस बार भी मतदान करने आएंगे। क्योंकि, लोकतंत्र में एक-एक वोट बहुत कीमती है।
-डॉ. माधव प्रसाद त्रिपाठी, हिंदी शिक्षक, नैनीताल, उत्तराखंड, मूल निवासी ग्राम बकैनिया
मतदान करना मेरी नैतिक जिम्मेदारी है। मतदान के लिए 28 फरवरी से छुट्टी ले ली है। गांव पहुंचकर जरूर मतदान करेंगे।
-अरुण कुमार दुबे, साफ्टवेयर इंजीनियर, नोएडा, मूल निवासी ग्राम भतरिन्हाजोत
चुनाव लोकतंत्र का महापर्व है। इसमें अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए 28 फरवरी को ही गांव पहुंच जाएंगे। टिकट बुक है।
-रशीद अहमद, कैटरर्स, बंगलुरू, मूल निवासी कस्बा नगर खास
मतदान करना मेरा अधिकार है। हर बार मतदान करते हैं। इस बार भी मतदान के लिए 20 फरवरी को ही अपने घर वापस आ रहे हैं।
-नूर आलम, कारोबारी, मुंबई, मूल निवासी कस्बा नगर खास
बोले दलों के जिलाध्यक्ष, उत्साहित हैं प्रवासी मतदाता
राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान हर एक मतदाता से संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है। भाजपा जिलाध्यक्ष महेश शुक्ला ने कहा कि जिले के प्रवासी मतदाता जागरूक हैं, उनमें से अधिकांश यहां आकर मतदान करते हैं। सपा के जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव ने कहा कि कार्यकर्ता लोगों को मतदान करने के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं। उनसे भी संपर्क किया जा रहा है जो गैर प्रांतों में रहते हैं। अधिकांश आने की तैयारी में हैं। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अंकुर वर्मा ने कहा कि प्रवासी मतदाताओं से संपर्क कर उन्हें मतदान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बसपा के जिलाध्यक्ष जयहिंद गौतम ने कहा कि कार्यकर्ता गैर प्रांतों में रहने वाले मतदाताओं से संपर्क कर उन्हें अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
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