विक्रमजोत लोलपुर बांध के पास दस नंबर ठोकर का निरीक्षण करते नायब तहसीलदार हर्रैया।
शारदा नदी से पानी छोड़े जाने से घाघरा (सरयू) में उफान है। केंद्रीय जल आयोग की रविवार की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार सुबह घाघरा का जलस्तर बढ़कर 92.485 सेमी. हो गया जबकि शाम तक यह 92.560 एमएम पहुंच गया। घाघरा की उग्रता से ठोकर नंबर 10 भी क्षतिग्रस्त हो गया है। अब एक से पांच तक के ही ठोकर (स्पर) क्षतिग्रस्त होने से बचे हैं। हर्रैया एसडीएम हरिश्चंद्र सिंह के निर्देश पर नायब तहसीलदार विजय कुमार रविवार सुबह गौरियानैन पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। बोल्डर, ईंट रोड़े के साथ ही मजदूरों की संख्या भी बढ़ा दी गई है।
लोलपुर-विक्रमजोत बांध स्थित गौरियानैन के पास शनिवार भोर ठोकर नंबर नौ का एक हिस्सा नदी में समा गया। पूरे गांव में हाहाकार मच गया। रात में स्पर के ढहते ही आनन फानन में गांव वालों ने जेई ज्ञानप्रकाश जायसवाल और दयाशंकर सिंह को सूचना दी। विक्रमजोत लोलपुर बांध का यह हिस्सा गौरियानैन, केशवपुर, सहजौरा पाठक, भदोई, विक्रमजोत, बाघानाला, कल्याणपुर सहित आधा दर्जन गांव को ढाल बना हुआ है।
इसी तहर चिलमापुर क्षेत्र के चांदपुर बंधे पर नदी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। पारा स्पर को भी खतरा पैदा हो सकता है। कटरिया गांव के पास बना स्पर आंशिक तौर पर धंस गया है। दो अन्य स्परों पर दबाव जारी है। यहां के बीडी बंधे के रैनकट व रैटहोल भरे जा रहे हैं। बोरे ब्रिकरोड़े भरकर बंधे के किनारे लगाने का कार्य भी चल रहा है। पिपरपाती के सभी स्परों पर बढ़ते जलस्तर के कारण दबाव बना हुआ है। हालांकि किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। सहायक अभियंता बाढ़ खंड पीसी सिंह ने कहा कि तकनीकी टीम बंधे पर कैंप कर रही है। पर्याप्त मात्रा में ईँट के टुकड़े और बोल्डर उपलब्ध हैं। मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है।