बस्ती। तीन दिन से हो रही बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बहादुरपुर में धान और गन्ने की फसल खेतों में गिरकर पानी में डूब गई, जबकि कप्तानगंज के खजुरिया मिश्र गांव में करीब 600 केले के पौधे जड़ समेत गिर गए। किसानों ने फसल नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है।
बहादुरपुर क्षेत्र के दौलतचक समेत आसपास के गांवों में धान की तैयार फसल तेज हवा के कारण खेतों में गिर गई। लगातार बारिश से खेतों में पानी भरने के कारण फसल डूब गई है। किसानों का कहना है कि धान में बालियां निकलने के बाद अच्छी उपज की उम्मीद थी, लेकिन बारिश और हवा ने फसल को नुकसान पहुंचा दिया। पानी जल्द नहीं निकला तो गिरी फसल के सड़ने की आशंका है। किसान रमेश वर्मा, राम कुमार, रामगोपाल दुबे, बाबूराम चौबे, भूपेंद्र नारायण पांडेय, रामदास चौधरी और हरिहर ने नुकसान का सर्वे कराकर राहत दिलाने की मांग की है।
कप्तानगंज विकासखंड के खजुरिया मिश्र गांव निवासी किसान प्रमोद चौधरी ने ढाई बीघे में करीब 600 केले के पौधे लगाए थे। पिछले 72 घंटे से जारी तेज हवा और बारिश से अधिकांश पौधे जड़ समेत जमीन पर गिर गए। किसान के अनुसार, इससे करीब 2.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से खेत का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
क्षेत्र के अन्य किसानों ने भी गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसलों को नुकसान होने की बात कही है। दुबौलिया, महराजगंज, गनेशपुर, भानपुर, रुधौली, बहादुरपुर और मुंडेरवा क्षेत्र में धान, गन्ना, दलहन और तिलहन की फसल प्रभावित हुई है।
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तीन चीनी मिल क्षेत्रों में 42 से 74 फीसदी गन्ना प्रभावित
गन्ना विभाग के अब तक के सर्वे में बभनान चीनी मिल क्षेत्र में 42 प्रतिशत, मुंडेरवा में 45 प्रतिशत और रुधौली चीनी मिल क्षेत्र में 74 प्रतिशत गन्ना फसल प्रभावित बताई गई है। जिला गन्ना अधिकारी जगभान सिंह भदौरिया ने बताया कि 50 से अधिक टीमों ने सर्वे किया है। किसानों के गिरे गन्ने को 72 घंटे के भीतर उठाने से प्रभावित फसल का प्रतिशत कम हो सकता है।
अगेती धान में 40 फीसदी नुकसान
कृषि विभाग के प्रारंभिक सर्वे में अगेती धान की करीब 40 प्रतिशत फसल प्रभावित बताई गई है। विभाग के अनुसार जिले में धान का करीब 10 प्रतिशत हिस्सा अगेती फसल के रूप में है। दलहन और तिलहन में भी करीब 40 प्रतिशत नुकसान का आकलन किया गया है।
कोट
फसलों के नुकसान का सर्वे जारी है। क्षति का आकलन कर किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलाने की प्रक्रिया की जाएगी। तीन दिनों में जिले में करीब 100 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
-डॉ. बाबूराम मौर्य, जिला कृषि अधिकारी