बस्ती- रुधौली टू-लेन मार्ग पर दौड़ने लगी गन्ना लदी ओवरहाईट ट्रकें।
बस्ती। चीनी मिलों में पेराई सत्र का शुभारंभ होते ही हाईवे से लेकर जिला स्तरीय मार्गों तक गन्ना लदे ओवरहाइट ट्रकों की कतार फिर चलने लगी हैं। पिछले साल इन ट्रकों की वजह से ताबड़तोड़ कई हादसे हुए थे। लेकिन, इन हादसों से जिम्मेदारों ने सबक नहीं लिया। सड़क सुरक्षा कानून की धज्जियां उड़नी शुरू हो गई है।
मिल चालू होने से ट्रैक्टर में भी क्षमता से बड़े आकार के ढाला लगाकर गन्ना ढोए जा रहे हैं। पिछले साल पेराई सत्र के दौरान लालगंज क्षेत्र के कैथौरा गांव के पास ओवरलोड गन्ना लदा ट्रॉला एक बाइक के ऊपर पलट गया था। गनीमत रही कि बाइक चालक खतरे को भांपकर भाग खड़ा हुआ था। क्रय केंद्रों से मिल तक गन्ने की ढुलाई के लिए ट्रकों से ज्यादा ट्रॉला लगाए गए हैं। ट्रॉले को खींचता तो ट्रैक्टर है, मगर उस पर वजन ट्रक जितना लदा होता है।
कई ट्रॉलों पर 15 से 20 टन तक गन्ना लदे लेते हैं। इनकी जांच और रोक-टोक करने करने वाला कोई नहीं है। परिवहन विभाग दिखावे के लिए एक-दो दिन जांच कर चुप बैठ जाता है। जिले भर में लगभग 32 हजार ट्रैक्टर-ट्रॉली कृषि कार्य के लिए पंजीकृत हैं। इनका खेत से लेकर बाजार तक व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है। केवल गन्ना ही नहीं, ईंट भट्ठों से लेकर मिट्टी व गिट्टी ढोने में भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगी हैं।
इन कस्बों से रहता हैं निकलना दुश्वार : चीनी मिलों में पेराई के दौरान गन्ना लदे ट्रक, ट्राॅला और ट्रेलर की लंबी कतार के आगे रुधौली, बभनान, मुंडेरवा, महादेवा बाजार, कुदरहा, कप्तानगंज में लंबा जाम लगता है। गन्ना लदे ओवर हाइट भारी वाहन इन कस्बों के मुख्य चौराहों और मोड़ पर आकर फंस जाते हैं। लोकल नागरिकों के आवागमन के चलते यह सड़क के बीचोबीच टीले के रूप खड़े हो जाते हैं। कुछ ही देर बाद इन कस्बों में जाम की स्थिति बन जाती है। इनके बगल से गुजरने के दौरान मोटर साइकिल और कार सवार लोगों कांप उठते हैं।