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Basti News: बिजली के लटकते तार...गली-मोहल्लों में खतरे हजार

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पचपेड़िया मोहल्ले में हादसा स्थल के पास लटक रहा तार। संवाद - फोटो : udhampur news
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बस्ती। शहर की रिहायशी कॉलोनियों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह नाकाम नजर आ रही है। बांस-बल्ली और जर्जर खंभों के सहारे दौड़ रहे एक-दूसरे में उलझे बिजली के तार हर गली में मौत का खतरा बने हुए हैं। जिम्मेदार विभागों की अनदेखी के चलते अब तक कई हादसे हो चुके हैं। लेकिन व्यवस्था सुधरने के बजाय लापरवाही लगातार लोगों की जा ले रही है।
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बता दें कि पचपेड़िया मोहल्ले का क्षेत्रफल काफी बड़ा है, प्रवेश करते ही तारों का मकड़ जाल दिखने लगता है। जहां हादसा हुआ है, वहां नई बसावट है और गड्ढा नुमा स्थान है। इसके चारों तरफ छोटी-छोटी चहारदीवारी है, इसी में बिजली का नंगा तार पड़ा था। रविवार को कबाड़ बीन रहीं दो बालिकाओं की चपेट में आने से मौत हो गई थी।
इसके बाद निगम के अधिकारी जागे और सोमवार सुबह करीब 11 बजे हादसा स्थल पर पहुंची कर्मचारियों की टीम झूल रहे केबल को काटकर साथ ले गई, मगर मोहल्ले की गालियों पर बांस के सहारे दौड़ाए गए तार अब भी हादसा का खतरा पैदा कर रहे हैं। हादसा स्थल पर अब भी कबाड़ रखी दोनों बच्चियों की बोरी पड़ी हुई हैं।
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हादसे के बाद मोहल्ले के लोगों का गुस्सा बिजली निगम की लापरवाही फूटता हुआ दिखाई पड़ा। लोग इस मोहल्ले में बांस-बल्लियों के सहारे दौड़ाए गए एक दर्जन से अधिक कनेक्शन के नीचे की ओर झूलते हुए केबल को दिखाकर निगम पर तंज कस रहे थे।
यहां मौजूद रहमान ने कहा कि बिजली बिल वसूलने के लिए कनेक्शन दिया जा रहा है। मगर पोल और तार खींचने की व्यवस्था निगम के पास नहीं है। मौजूद पुलिस अधिकारियों ने भी लोगों को शांत करने के लिए ही सही विद्युत सुरक्षा में कमी की बात को स्वीकार की।
इस हादसे के बाद एक बार विद्युत निगम की सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में खड़ी हो गई है। निगम के अधिकारी भी जवाब नहीं दे पा रहे हैं। उधर, पुरानी बस्ती क्षेत्र की नई कॉलोनी, नरहिया के काली मंदिर पर लटकते तार से हादसे का खतरा बना रहता है।
मोहल्ले के संजय, मोनू पांडेय, शिवा, राजेंद्र, कन्हैया और प्रेम सागर ने बताया कि बिजली निगम से कई बार खंभे लगवाने की मांग की जा चुकी है, मगर अधिकारी सुनने के लिए तैयार नहीं हैं।
सीमा विस्तार वाले क्षेत्रों में नहीं लग पाए खंभे : नगर पालिका के सीमा विस्तार क्षेत्र की बड़ी आबादी बांस-बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति प्राप्त कर रही है। हालत यह है कि पांडेय पोखरा, हवेलिया, न्यू मड़वानगर, बड़ेवन, सुपेलवा आदि क्षेत्रों में उपभोक्ता खुद के खर्चे पर बांस-बल्ली के सहारे घर तक तार ले गए हैं।
घर तक बिजली प्राप्त करने के लिए निगम के खंभे से 100 से 200 मीटर तक केबल लगानी पड़ रही हैं। आलम यह है कि खंभे से लंबी दूरी होने के कारण आए दिन केबल टूट जाती है। लटकती केबल के कारण हर समय खतरा का डर बना रहता है। इसे लेकर न्यू मड़वानगर, मूड़घाट, जिगिना के उपभोक्ता स्थायी लाइन बनाने के लिए निगम को कई बार ज्ञापन दे चुके हैं, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
पिछले साल भी हुआ था हादसा : पिछले साल नगर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े ओठगनपुर गांव के पास दो सगे भाई सीढ़ी लेकर घर जा रहे थे। बस्ती-लुंबिनी मार्ग के किनारे लगे विद्युत पोल पर 11 केवी लाइन के तार नीचे की लटक रहे थे। अचानक सीढ़ी तार के संपर्क में आ गई। जिससे दोनों सगे भाई हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गए। जिससे दोनों भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद काफी बवाल हुआ था।
मामला ऊर्जा मंत्री तक पहुंचा था। इसके बाद विद्युत सुरक्षा के इंतजाम किए जाने के सख्त निर्देश भी दिए गए। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कुछ जगहों पर पेड़ की टहनियां कटवाकर और कुछ झूलते तारों का मरम्मत कराकर पीछे हट गए।
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