फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: सड़क पर दौड़ रहे ओवर हाइट ट्रक ट्राला... बढ़ा रहे हादसे का खतरा

Sat, 04 Jan 2025 12:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

बस्ती। आजकल चीनी मिलों में गन्ना पेराई और राइस मिलों में धान की कुटाई का सीजन चल रहा है। ऐसे में सड़कों पर ओवर हाइट ट्रक-ट्राला की धूम मची हुई है। शाम ढलने के बाद ये वाहन एक मंजिला इमारत की तरह 15 से 20 फीट ऊंचाई में सामान लादकर निकल रहे हैं।
घने कोहरे में हाईवे से लेकर किसी भी प्रमुख मार्ग पर ऐसे वाहन को देखकर राहगीरों के रोंगटे खड़े हो जा रहे हैं। इनसे बचकर चलने में ही भलाई है। वरना चूक हुई या ये वाहन गड्डमड्ड हुए तो बड़ा खतरा हो सकता है।
विज्ञापन

ठंड के दौरान एक से 31 जनवरी तक सड़क सुरक्षा माह चलाया जा रहा है। मगर, गन्ना, धान की भूसी, गन्ने की खोई ढोने वाले भारी वाहन इससे इत्तेफाक नहीं रखते हैं। ट्रक, ट्राला, ट्रेलर जैसे वाहनों में ओवर हाइट और ओवरलोड होकर चलने की होड़ मची हुई है।
मिलों से जुड़े सभी मार्गों पर इनकी धमा चौकड़ी देखी जा सकती है। शाम ढलने के बाद और भोर में सड़कों पर ऐसे वाहनों की संख्या ज्यादा हो जाती है।
ओवर हाइट लोडिंग की वजह से इन वाहनों से छिटपुट से लेकर बड़ी दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। कहीं रेलवे क्रॉसिंग का बैरियर टूट रहा है तो कहीं बिजली के तार टूटकर गिर रहे हैं। चलती ट्रक और ट्राला से भूसे के बड़े-बड़े गट्ठर गिरने या गन्ने के बोझ टूटने से अगल-बगल चलने वाले राहगीरों काे भी खतरा हो रहा है।
बावजूद इसके परिवहन विभाग हादसे के सबब बन चुके इन वाहनों पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। कोहरे के दौरान अदृश्यता के चलते इन वाहनों की ओवर हाइट दिखाई नहीं देती है। नजदीक पहुंचने के बाद अचानक पहाड़ जैसा दृश्य देखकर कार, बाइक, ऑटो एवं अन्य छोटे वाहनों के चालक हड़बड़ाहट में अनियंत्रित हो रहे हैं।
इन कस्बाें में बढ़ गई दुश्वारी ः बभनान, मुंडेरवा, महादेवा, रुधौली आदि कस्बों में चीनी मिलों के चलते दुश्वारियां बढ़ गई हैं। यहां ओवरलोड और ओवर हाइट वाहनों की कतार 24 घंटे देखी जा रही है। दिन की अपेक्षा रात में इनकी संख्या ज्यादा है।
विज्ञापन

बभनान के प्रभाकर ने बताया कि पेराई सत्र के दौरान कस्बे की मुख्य सड़क पर चलने लायक नहीं रहता है। कमोवेश यही हाल मुंडेरवा, रुधौली और महादेवा कस्बे का भी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें