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Basti News: बिजली निगम पर 75 हजार रुपये को मुआवजा देने का आदेश

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बस्ती। बिजली निगम के उपभोक्ता से जुड़े एक मामले में निगम को फिर तगड़ा झटका लगा है। जिला उपभोक्ता फोरम आयोग के अध्यक्ष/न्यायाधीश अमरजीत वर्मा एवं सदस्य अजय प्रकाश सिंह ने उपभोक्ता के साथ लापरवाही बरतने के मामले में निगम की ओर से जारी की गई नोटिस को निरस्त कर दिया है। अदालत ने निगम को 75 हजार रुपये मुआवजा देने का भी आदेश सुनाया है। इसके अलावा निगम के एसई और अवर अभियंता के लापरवाही की जांच सक्षम अधिकारी से कराने का आदेश दिया गया है।
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प्रकरण दुबौलिया थाना क्षेत्र के सिरसिया गांव से जुड़ा है। यहां के रहने वाले बिजली उपभोक्ता बृजेश सिंह ने अधिवक्ता विजय कुमार त्रिपाठी के माध्यम से जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दाखिल किया था। उपभोक्ता ने अदालत को बताया कि उन्होंने सैनिया चौराहा पर स्थित मकान में घरेलू उपयोग के लिए तीन किलोवाट का कनेक्शन लिया है। जिसके बिल का भुगतान बराबर करते रहते हैं। निगम का एक रुपये भी उन पर बकाया नहीं है। दो साल पहले 27 जुलाई 2024 को प्रवर्तन दल ने उनके घर पर निरीक्षण किया था। बिना मीटर के घरेलू बिजली प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए उन पर 1,66,066 रुपये का बकाया नोटिस जारी कर दिया। उपभोक्ता की ओर से न्यायालय में कहा गया कि मीटर रीडिंग के हिसाब से जो भी बिल बिजली निगम द्वारा भेजा जा रहा उसका भुगतान कर दिया गया है। निगम की ओर से अदालत में जवाब दावा प्रस्तुत किया गया और कहा गया कि शिकायतकर्ता ने बिजली चोरी की है। दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद आयोग ने माना कि हड़बड़ी में पांच मिनट के अंदर जांच प्रक्रिया पूरी कर उपभोक्ता के नाम लाखों रुपये की नोटिस भेज दी गई। इसमें नियम और प्रावधानों का पालन नहीं किया गया है। आयोग ने निगम के एसई और एक्सईएन, एसडीओ और जेई की कार्य शैली पर चिंता व्यक्त की है। अदालत ने साफ तौर पर कहा कि निगम के जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते फोरम में बिजली निगम के विरुद्ध कई वाद दाखिल हो चुके हैं। आयोग ने इन अभियंताओं के खिलाफ सक्षम अधिकारी से जांच कराने का आदेश पारित किया है।
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