फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: खुले नाले तो कहीं खोद कर छोड़े गड्ढे, रास्ते जानलेवा

विज्ञापन
कटेश्वर पार्क के पास खुला नाला संवाद
विज्ञापन
बस्ती। सुरक्षा दीवार और स्लैब न होने से शहर के नाले हादसे का सबब बन सकते हैं। बड़े नालों के आसपास बने मकानों में रह रहे लोगाें की जान हथेली पर रहती है। 10-10 फीट गहरे नालों में आए दिन जानवर और इंसान गिरकर घायल हो जा रहे हैं। वहीं नगर पालिका गड्ढे भरवाने और नालों पर स्लैब रखने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार शहर के अधिकांश नाले ढक्कन विहीन हैं, कुछ जगहों पर ढक्कन लगा भी है तो वह क्षतिग्रस्त है। बड़ेवन-ब्लाॅक रोड के किनारे बने नाले की सरिया भी कहीं-कहीं बाहर निकली हुई है। इसमें अगर कोई गिरा तो जान भी जा सकती है।
बता दें कि गोरखपुर के चिलुआताल के मानबेला में नाला में गिरने से उसमें से निकली सरिया बालक के पेट में घुसने से उसकी मौत हो गई, बावजूद यहां घटना के बाद से सबक नहीं लिया जा रहा है। शहर में जगह-जगह नाला खुला है। चौराहों व तिराहों के मोड या फिर लिंक मार्ग के मोड़ पर खुले नाले हादसे का दावत दे रहे हैं।
विज्ञापन

आवास विकास काॅलोनी के गेट पर गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है। बड़ेवन सर्विस लेन के नाले पर रखा स्लैब टूट गया है, जिससे सरिया निकाला हुआ है। यहां आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की प्रतिमा के पास सड़क पर गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है। कंपनीबाग से चेतक तिराहा सिविल लाइन तक पूरी तरह नाला खुला हुआ है। बड़ेवन-ब्लाॅक रोड के मोड़ पर बने नाले की सरिया निकली हुई है। नाले पर ढक्कन नहीं हैं। अगर इसमें कोई जानवर फंसता है या फिर राहगीर गिरता है तो उसके साथ कोई भी अनहोनी हो सकती है।
वहीं ब्लाॅक रोड पर कई मैरिज हाल है, यहां जाम भी लगता है। पतेलवा के पास भी नाला खुला है, यहां भी ढक्कन नहीं लगा है। घास चरते चरते कोई भी बेसहारा पशु नाले में गिर सकता है। जीआईसी से लेकर महिला अस्पताल तक कई जगह नाले खुले हैं, यहां नाला सड़क के बराबर है और झाड़ियां उगी हैं। यहां अक्सर निराश्रित पशु नाले में गिरकर चोटिल हो जा रहे हैं। तुर्कहिया को जाने वाले नाले में एक गाय का बछड़ा गिर गया था, उसे निकालने के लिए खूब मशक्कत करना पड़ा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें