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रुधौली सामूहिक दुष्कर्म कांड: खुला भेद...बिचौलियों ने शिक्षक से कराया था जमीन का सौदा

Tue, 26 Sep 2023 02:41 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।

सार

बैनामा कराने वाली विद्यावती देवी के पति नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि वह वैध तरीके से जमीन का मूल्य देकर बैनामा कराए हैं। बैनामा करने वाला खुद जाकर रजिस्ट्री कार्यालय में पेश हुआ था। इसमें उनकी तरफ से किसी तरह की चूक नहीं की गई है। मगर अफसोस है कि पुलिस उनके घर जाकर अशोभनीय तरीके से पेश आ रही है।
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रुधौली सामूहिक दुष्कर्म कांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रुधौली सामूहिक दुष्कर्म कांड की वजह बनी जमीन का भेद अब खुलने लगा है। जिस जमीन को बिचौलियों के जरिए बिकवाने की चर्चा जोरों पर थी, उसके खरीदार तक पुलिस पहुंच गई है। जांच में पता चला है कि शिक्षक दंपती से पांच लाख रुपये में उस जमीन का सौदा हुआ था। जमीन की सरकारी मालियत 9.90 लाख रुपये आंकी गई है।

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नौ अगस्त को रुधौली क्षेत्र के मूड़ाडीहा उर्फ भूपालपुर निवासी विद्यावती देवी पत्नी नरेंद्र प्रताप सिंह के नाम 60 वर्ग मीटर जमीन की रजिस्ट्री की गई। 59 हजार 400 रुपये के स्टांप पर हुए बैनामे का खारिज-दाखिल होना बाकी है।

रजिस्ट्री कार्यालय के रिकाॅर्ड के मुताबिक बैनामा मृतक के पिता ने किया है। जबकि, पांच लाख रुपये का भुगतान मृतक के नाम से जारी चेक के जरिए किया गया। पुलिस ने खाते के लेनदेन की जानकारी हासिल करने के लिए उसका स्टेटमेंट निकलवाया है।
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बैनामा कराने वाली विद्यावती देवी कन्या जूनियर हाईस्कूल की प्रधानाध्यापिका हैं। उनके पति नरेंद्र प्रताप सिंह कैथवलिया इंटर काॅलेज में प्रधानाचार्य हैं। इस रजिस्ट्री में परसोहिया निवासी अंश सिंह और रुधौली निवासी सुधीर जायसवाल का नाम बतौर गवाह यानी पहचानकर्ता के रूप में दर्ज है।

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यह शिक्षक दंपती रुधौली के बखिरा रोड पर मृतक के घर से कुछ दूरी पर मकान बनाकर रहते हैं। जिस जमीन का विद्यावती देवी ने बैनामा कराया है, वह इनके घर से करीब सौ मीटर दूर है। बताया जा रहा है कि मृतक के करीबी रहे त्रिलाेकी के माध्यम से इस जमीन का बेहद गुपचुप तरीके से सौदा तय हुआ था।

सूत्रों का कहना है कि मृतक ने ही इसकी पहल की थी। वह अपने पिता के नाम की जमीन का कुछ हिस्सा बेचना चाहता था। माना जा रहा है कि उसके मंसूबे को त्रिलोकी ने मूर्त रूप देने के लिए शिक्षक दंपती से संपर्क किया। इस पूरे मामले में अन्य बिचौलियों के शामिल होने की बात भी बताई जा रही है, मगर उसका नाम अभी उजागर नहीं हो पाया है। शिक्षक दंपती के परिवार के नजदीकी शख्स ने बताया कि जमीन के इस सौदे के बारे में सारी बातचीत विद्यावती देवी ने ही की थी। शुरुआत में उनके पति को जानकारी ही नहीं थी। उन्हें बैनामा करने के समय जानकारी हुई थी।

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पुलिस की बढ़ रही दिलचस्पी

इस केस से जमीन के सौदे का कनेक्शन न होने की बात कहने वाली पुलिस की दिलचस्पी बढ़ती जा रही है। उसकी समझ में आने लगा है कि पूरे घटनाक्रम की तफ्तीश बिना जमीन के सौदे की जांच किए पूरी नहीं हो सकती।

पुलिस इस बात को लेकर काफी गंभीर है कि तीन भाइयों के हिस्से की जमीन का सौदा सिर्फ एक भाई के कहने पर क्यों किया गया। जबकि, सबको पता है कि उनका पिता मानसिक तौर पर कमजोर है। सोमवार को शिक्षक दंपती से पुलिस ने संपर्क करने का भी प्रयास किया लेकिन वे नहीं मिल सके।

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पाक-साफ किया है सौदा
बैनामा कराने वाली विद्यावती देवी के पति नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि वह वैध तरीके से जमीन का मूल्य देकर बैनामा कराए हैं। बैनामा करने वाला खुद जाकर रजिस्ट्री कार्यालय में पेश हुआ था। इसमें उनकी तरफ से किसी तरह की चूक नहीं की गई है। मगर अफसोस है कि पुलिस उनके घर जाकर अशोभनीय तरीके से पेश आ रही है। उन्हें थाने पर बुलाया गया है, मंगलवार को जाकर पुलिस से बात करेंगे।
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