फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूरे जिले में ओपीडी सेवा प्रभावित रही

Wed, 16 Mar 2016 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
जिला अस्पताल में संविदा चिकित्सक की हड़ताल के कारण बंद पड़ा आयुष विंग। - फोटो : रमेश मिश्र
विज्ञापन
बस्ती। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर तीन दिवसीय हड़ताल व कार्य बहिष्कार के आखिरी दिन बुधवार को भी जिले भर के संविदा चिकित्सकों ने कार्य नहीं किया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाके में स्थापित स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी सेवा हड़ताल के चलते प्रभावित हुई। जिला अस्पताल के आयुष विंग की तीनों विधा के चिकित्सकों आयुर्वेद, यूूनानी और होम्योपैथ के हड़ताल में शामिल होने से इलाज कराने आए मरीजों को निराश लौटना पड़ा। 
विज्ञापन


संविदा चिकित्सक और कर्मचारी लखनऊ में संगठन के लोगों पर लाठी चार्ज के दोषियों पर कार्रवाई और विनियमितीकरण आदि के लिए आंदोलित हैं। हालांकि इमरजेंसी, जेई आईसीयू, महिला अस्पताल में सिक न्यू बार्न केयर यूनिट में तैनात संविदा स्टाफ नर्सों ने जरूरी काम-काज और टीकाकरण किया। इससे नवजात शिशुओं और गंभीर मरीजों के इलाज में दिक्कत नहीं हुई। 

महिला अस्पताल में भी ओपीडी प्रभावित 
महिला अस्पताल में डॉ शबनम सहित अन्य संविदा चिकित्सकों ने ओपीडी कार्य का बहिष्कार किया। बबिता गुप्ता, नीरज श्रीवास्तव, सीमा सिंह, अर्चना त्रिपाठी, शशिप्रभा, सुनीता देवी, संध्या  रजक सहित अन्य संविदा कर्मी बांह पर काली पट्टी बांध कर विरोध जताने वालों में शामिल रहे। 
विज्ञापन


केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर आगे निर्णय होगा
जिला अस्पताल के आयुष विंग में तैनात यूनानी चिकित्सक व संघ के अध्यक्ष डॉ जुनैद अहमद खान ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के केंद्रीय पदाधिकारियों की स्वास्थ्य मंत्री से वार्ता के आधार पर तय दिशा निर्देश के मुताबिक आगे कार्य करने या न करने का निर्णय लिया जाएगा। बताया कि हमारी प्रमुख मांग लखनऊ में संगठन के प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज के दोषियों पर कार्रवाई, संविदा चिकित्सकों और कर्मचारियों को विनियमितीकरण है।

जब तक विनियमितीकरण न हो, तब तक रिजवी कमेटी की सिफारिशों के आधार पर पे बैंड, सरकारी कर्मचारियों के समान न्यूनतम वेतन के बराबर मानदेय, एचआर पालिसी लागू करने की मांग की जा रही है। विरोध जताने वालों में महामंत्री डॉ प्रदीप कुमार शुक्ल, डॉ वीके वर्मा, डॉ विनोद कुमार शर्मा, डॉ  धमेंद्र  चौधरी, डॉ  जमील अहमद, डॉ सतीश चौधरी, डॉ प्रीति मिश्रा, डॉ संजय श्रीवास्तव, सर्वेश, रामजीत चौरसिया, डॉ अमीश, डॉ विकास आदि शामिल रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें