ओपेक चिकित्सालय कैली को लेबल-2 बनाने की तैयारी
बस्ती। कोरोना से जंग को जिला प्रशासन ने शासन के सुर में सुर मिलाया है। मुंडेरवा, कुदरहा व गौर में लेबल-वन अस्पताल बनाने के बाद अब लेबल-टू व थ्री की तैयारी शुरू हो गई है। इसका कारण यह कि जिले में कोरोना के कुल नौ मरीज पाए जा चुके हैं। इनमें से एक की मौत हो चुकी है। इन स्थितियों को गंभीरता से लेते हुए कोरोना पॉजिटिव पाए जाने वाले तीन मोहल्लों को हॉटस्पॉट घोषित करते हुए पूरी तरह लॉक कर दिया गया है। यहां आने जाने पर पाबंदी है। सभी आठ मरीजों को मुंडेरवा स्थित लेबल वन के अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया गया है। यहां इनका इलाज चल रहा है। हालांकि अब प्रशासन दूसरे चरण की तैयारी को ओर कदम बढ़ा चुका है। शासन के निर्देश मिलते ही जिले में लेबल-टू के अस्पताल की घोषणा कर दी जाएगी।
कोरोना को लेकर पूरा देश लॉकडाउन है। हॉटस्पॉट वाले मोहल्लों में प्रशासन ने चौकसी बढ़ा दी है। यहां खाद्यान्न की आपूर्ति का जिम्मा डीएम आशुतोष निरंजन के निर्देश पर डीएसओ रमन मिश्र उठा रहे हैं। टीम को लेकर वे मौके पर खुद ही नेतृत्व कर रहे हैं। इधर संख्या बढ़ने से सतर्क प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। लेबल वन के तीन अस्पतालों को साजो सामान व प्रशिक्षित टीम के साथ तैयार कर दिया गया। इसके अलावा लेबल-2 के अस्पताल की तैयारी को लेकर डीएम ने कवायद शुरू कर दी है। ओपेक चिकित्सालय कैली को संसाधनों से लैस किया जा चुका है। मानव संसाधनों की भी मानक के अनुसार पूर्ति कर दी गई है। यहां आइसोलेशन वार्ड पूरी तरह तैयार है। मरीजों की संख्या बढ़ी तो शासन के निर्देश मिलते ही इसे शुरू करा दिया जाएगा।
डीएम आशुतोष निरंजन ने कहा कि लेबल-वन के अस्पताल बनाने की प्रक्रिया सबसे पहले पूरी कर ली गई थी। अब लेबल-2 के अस्पताल तैयार कर लिए गए हैं। मानक के अनुसार ओपेक चिकित्सालय कैली शत प्रतिशत खरा है। यहां संसाधनों के अलावा मानव संसाधन भी मानक के अनुरूप तैनात किए जा चुके हैं। जैसे ही शासन ने निर्देश दिया वैसे ही इस अस्पताल को लेबल-टू का घोषित कर दिया जाएगा। वैसे तीनों लेबल-वन के अस्पतालों में संसाधन व प्रशिक्षित कर्मी व डॉक्टर तैनात हैं।