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पद पाकर घमंड नहीं करना चाहिए : शास्त्री

Fri, 16 May 2025 01:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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कलवारी। थाना क्षेत्र के खेमऊपुर गांव के काली मंदिर परिसर में नौ दिवसीय शतचंडी यज्ञ और संगीतमय भागवत कथा में अवध धाम से आए कथावाचक पंडित दिवाकर शास्त्री ने राजा दक्ष की कथा सुनाई। कहा कि पद पाकर घमंड नहीं करना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि ब्रह्माजी ने दक्ष प्रजापति को सृष्टि की वृद्धि करने के लिए उत्पन्न किया था। उन्होंने एक बार विराट यज्ञ किया, उसमें उन्होंने सब देवताओं सहित अपने पुत्रियों को तो निमंत्रण भेजा, लेकिन मद में चूर होकर दक्ष ने शिव विरोध के कारण अपनी छोटी पुत्री सती और उनके पति शंकरजी को निमंत्रण नहीं भेजा। पति की बिना आज्ञा के सती अपने मन से बिना बुलाए यज्ञ मंडप में पहुंच गईं और अपने पति का अपमान सह न सकीं। उन्होंने हवन कुंड में कूद कर अपने प्राणों की आहुति दे दी। सती की मौत की सूचना मिलते ही भगवान शंकर क्रोधित होकर वीरभद्र को उत्पन्न किया और दक्ष के यज्ञ को विध्वंस कर करने का आदेश दिया। वीरभद्र ने यज्ञ को विध्वंस करने के साथ-साथ विरोध करने पर दक्ष प्रजापति का सिर भी काट कर अलग कर दिया। बाद में ब्रह्माजी के आग्रह पर शंकरजी ने बकरे का सिर काटकर दक्ष के गले से जोड़ दिया और उनका यज्ञ पूरा करवाया। दक्ष प्रजापति अपनी गलती महसूस करते हुए कहा कि घमंड में चूर होकर हमको अपने रिश्ते नहीं भूलने चाहिए।
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