पाकरडाड़ में कृषि केंद्र का निरीक्षण करते डीएओ डॉ. बाबूराम मौर्य।
बस्ती। कृषि मंत्री और कृषि निदेशक के तेवर बिगड़ने के बाद कृषि महकमा भी सख्त हो गया है। खाद-बीज के वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए विभाग ने कोशिश शुरू कर दी है। बुधवार को जिला कृषि अधिकारी डॉ. बाबूराम मौर्य ने ताबड़तोड़ कृषि भंडार केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान खामियां मिलने पर एक दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया और एक अन्य दुकान के मालिक को कारण बताओ नोटिस जारी की है।
डीएओ बस्ती-महुली मार्ग पर स्थित आशा कृषि केंद्र पर पहुंचे। यहां अनुदानित खाद बीज के रेट का वॉल पेंटिंग नहीं पाया गया। स्टॉक रजिस्टर और रेट सूची भी मांगने पर नहीं उपलब्ध कराई गई। इस पर डीएओ डॉ. मौर्य ने नाराजगी जताई। उन्होंने तत्काल प्रभाव से दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया। इसके बाद वह किसान खाद भंडार पाकरडाड़ पहुंचे। यहां वितरण व्यवस्था कुछ हद ठीक पाई गई। लेकिन, स्टॉक रजिस्टर अपूर्ण पाया गया। अनुदानित दर का बोर्ड भी नहीं मिला।
डीएओ ने संबंधित दुकानदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। निर्देशित किया कि यदि तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण नहीं मिला तो कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि किसानों को अनुदानित दर पर ही खाद- बीज उपलब्ध कराया जाए। पीओएस मशीन पर वितरण और स्टॉक का विवरण दर्ज होना चाहिए। अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद डीएओ ने अनन्या बीज भंडार पाकरडाड़ का निरीक्षण किया। यहां खाद के स्टॉक और अभिलेख के रखरखाव के लिए चेतावनी दी गई।