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गरीबों की नहीं सुनी तो गोरखपुर में मजा चखा दिया : राजभर

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ओमप्रकाश राजभर का स्वागत किया। - फोटो : amar ujala
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बस्ती। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अति पिछड़ा अति दलित रैली में प्रदेश सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। कहा कि सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। लखनऊ से दिल्ली पंचायत तक गरीबों की सुनवाई नहीं हो रही है। जिसका मजा गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में गरीबों ने भाजपा को चखा दिया। 
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सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की ओर से जीआईसी परिसर में रविवार को मंडलस्तरीय अति पिछड़ा, अति दलित भागीदारी रैली आयोजित की गई। उम्मीद से अधिक भीड़ देख गदगद प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाज के लोगों से भाजपा, सपा, कांग्रेस, बसपा समेत सभी राजनीतिक दलों के बहिष्कार करने का आह्वान किया। कहा कि 70 साल में भी अति पिछड़े और अति दलितों को हक नहीं मिला। इसी हक के लिए मैं सरकार में रहते हुए भी अंदर लड़ रहा हूं। आप लोग हक की लड़ाई बाहर लड़ें। कहा कि सत्ता के लिए नहीं बल्कि समाज के लिए नेता बना हूं। मंत्री रहूं न रहूं, मेरी आवाज कोई दबा नहीं सकता। समर्थकों से कहा कि लोकसभा चुनाव आ रहा है। तमाम पार्टियां आपको इस्तेमाल करेंगी। बसों में चाय-पकौड़े खिलाते हुए रैली में ले जाएंगी लेकिन बेटा-बेटी की कसम मत जाना। वे सिर्फ वोट के सौदागर हैं जो एक धोती देकर आपको ठगते हैं। 
इससे पहले पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव अरविंद राजभर ने कहा कि प्रदेश में यह चौथी रैली है। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से लोकसभा चुनाव में बूथों को मजबूत करने पर बल दिया। गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में पार्टी को साथ नहीं लेने पर भाजपा से नाराजगी जताई। कहा कि यही रवैया रहा तो 2019 के चुनाव में सोचना पड़ेगा। कहा कि गठबंधन सरकार युवाओं को भी धोखा दे रही है। 
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भ्रष्टाचार कायम, गरीबों की सुनवाई नहीं
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि रविवार को प्रदेश सरकार का एक साल का कार्यकाल पूरा हो गया लेकिन भ्रष्टाचार कायम है। यही कारण है कि राशन कार्ड के लिए, पेंशन के लिए, आवास के लिए रुपये देने पड़ रहे हैं। हर विधायक को गरीबों की दवा के नाम पर साल में 25 लाख, गरीबों के लिए 100 हैंडपंप, सवा सौ करोड़ रुपये विकास कार्य के लिए मिलते हैं लेकिन कहीं उसका असर नहीं दिख रहा है। 
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आरक्षण का त्रिस्तरीय बंटवारा हो 
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि गरीबों के उत्थान के लिए आरक्षण व्यवस्था लागू की गई। पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह के समय में यह 27 प्रतिशत हो गया लेकिन इसका लाभ जरूरतमंदों को नहीं मिला। इसके लिए तीन स्तर पर बंटवारा किया जाए जिसमें पिछड़ा, अति पिछड़ा और सर्वाधिक पिछड़ा इसी प्रकार दलित, अति दलित और सर्वाधिक दलित को संख्या के हिसाब से आरक्षण दिया जाए जिसमें सामान्य जाति के लोग भी लाभान्वित होंगे। 
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सरकार में सब कुछ ठीक नहीं 
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हो या केंद्र सरकार, योजनाओं का प्रस्ताव दो तो कहते हैं कि रुपये नहीं हैं। दिव्यांगजन के लिए प्रदेश में महज 15 विद्यालय हैं। इसे मंडलस्तर पर खोलने का प्रस्ताव दिया तो बजट नहीं होने की बात कही गई। आज गन्ना किसानों के लिए भी सरकार के पास बजट नहीं है। प्रदेश में सीएम, डिप्टी सीएम समेत 47 मंत्री हैं लेकिन सब रोना रो रहे हैं। इससे काम नहीं चलेगा। सरकार को हक देना ही होगा।
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कक्षा चार से तकनीकी शिक्षा दी जाए
राजभर ने कहा कि गरीबों के बच्चे तकनीकी शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। ऐसे में समान शिक्षा व्यवस्था के साथ बाइक, घड़ी, मोबाइल, एसी आदि बनाने की शिक्षा कक्षा चार से दी जाना चाहिए। जब तक तकनीकी शिक्षा नहीं होगी गरीब आगे नहीं बढ़ पाएगा। कहा कि आज अति पिछड़ों के बच्चे डीएम, एसपी, सीडीओ क्या सामान्य सिपाही भी नहीं हैं। क्योंकि गरीबों के बच्चे प्राइमरी पाठशाला में पढ़ते हैं जहां शिक्षक पढ़ाने ही नहीं जाता है। इसके विपरीत दूसरों के बच्चे कांवेंट और टेक्निकल कॉलेज में पढ़कर ऊंचे ऊंचे ओहदे पाते हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री से चर्चा कर प्रस्ताव पारित कराया गया कि गरीबों के बच्चों के लिए आईएएस और पीसीएस की कोचिंग में प्रवेश के नियमों में संशोधन किया जाए। 
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पूर्वांचल राज्य बनने से ही होगा भला 
भासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि पूर्वांचल का भला अलग राज्य बनने से ही होगा। इसके लिए भासपा लड़ाई की रणनीति बना रही है। कहा कि मुख्यमंत्री खुद पूर्वांचल के पक्षधर थे लेकिन सत्ता पाने के बाद भूल गए। पूर्वांचल के लिए हुुंकार भरने वालों की कथनी और करनी में बहुत अंतर है।
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इनकी रही मौजूदगी 
राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर, उपाध्यक्ष महेंद्र राजभर, सचिव शक्ति सिंह, प्रवक्ता राणा अजीत प्रताप सिंह, सालिक यादव, डॉ. बलिराम राजभर, डॉ. संतोष पांडेय, प्रेमचंद प्रजापति, राधिका पटेल, मनीषा सिंह, अजय सिंह बृजभूषण मिश्र, मनोज राजभर, कृष्णा राजभर व गाजीपुर, वाराणसी, कुशीनगर, बलिया के चारों विधायक मौजूद रहे।
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