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मूल्यांकन केंद्रों पर नहीं खुले बंडल

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मूल्यांकन का विरोध करते वित्तविहीन शिक्षक। - फोटो : amar ujala
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डीएचई की बैठक के साथ पहला दिन बीता 
चार केंद्रों पर जांची जानी हैं बोर्ड की कॉपियां 
अमर उजाला ब्यूरो 
बस्ती। 
यूपी बोर्ड परीक्षा 2017-18 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शनिवार को शुरू नहीं हो सका। वित्तविहीन शिक्षक संगठनों के बहिष्कार और ढीली-ढाली व्यवस्था के चलते पहले दिन जिले के चारों केंद्रों पर कहीं भी कॉपियों का बंडल नहीं खुला। 
शनिवार सुबह करीब 10 बजे जिले के चारों मूल्यांकन केंद्रों राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, जीआरएस सेकसरिया इंटर कॉलेज तथा श्रीकृष्ण पांडेय इंटर कॉलेज में बनाए गए मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षक जुटे। परीक्षकों और सहायक प्रधान परीक्षकों (डीएचई) ने केंद्रों पर पहुंच उप नियंत्रक के साथ बैठक की। वहीं, मानदेय बंद होने से गुस्साए वित्तविहीन शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कर दिया। सभी शिक्षक संगठनों ने सरकार की ओर से रोके गए मानदेय देने, मान्यता की धारा में परिवर्तन, सेवा नियमावली बनाने, मूल्यांकन का पारिश्रमिक बढ़ाने, पुराने मूल्यांकन कार्य व परीक्षा की पारिश्रमिक का भुगतान करने सहित अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी। शिक्षक नेताओं ने सरकार के अड़ियल रवैये की निंदा की। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के रमेश कर पाठक, सूर्य नारायण उपाध्याय भावुक, राकेश दुबे, अनिल तिवारी, जिला अध्यक्ष हरिशंकर पांडेय, आरडी निषाद, माध्यमिक शिक्षक संघ वित्तविहीन गुट के राजीव सिंह, बागी गुटके जिला अध्यक्ष इंद्रसेन चौधरी, रमजान अली, रामशरण चौधरी, जमील अहमद सफी मोहम्मद ने कहा कि मांगें मानी जाने तक बहिष्कार जारी रहेगा। कहा कि 1986 से 2016 तक दुश्वारियों में अध्यापन कार्य किया। पिछली सरकार ने नाम मात्र का मानदेय देकर उम्मीद जगाई जबकि भाजपा सरकार ने रोक लगाकर संकट पैदा कर दिया। शिक्षक नेताओं ने कहा कि प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा की 86 फीसदी व्यवस्था देखने वाले वित्तविहीन शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार अब स्वीकार्य नहीं है। इस दौरान प्रतिमा चौधरी पंकज पांडेय, परशुराम, रामनरेश, अमरपाल सिंह, राम कुमार चौधरी, अरविंद श्रीवास्तव, प्रकाश मोहन श्रीवास्तव, प्रदीप पांडेय, अनिल सिंह, वीरेंद्र चौधरी, प्रमोद, धर्मेंद्र सिंह, संजय सिंह, हरीश, सर्वेश चौधरी सहित तमाम शिक्षक मौजूद रहे। 
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एक शिक्षक को जांचनी होगी 40 कॉपियां 
मूल्यांकन केंद्रों पर डीएचई की हुई बैठक में परिषद के दिशा-निर्देशों के बारे में जानकारी दी गई। मूल्यांकन के दौरान एक परीक्षक को एक दिन में हाईस्कूल की 40 और इंटरमीडिएट की 45 कॉपियों का ही मूल्यांकन करना होगा। प्रतिदिन सुबह 10 बजे से पांच बजे तक चलने वाले मूल्यांकन में परीक्षक को जितनी कॉपियां मिलेंगी उसे उसी दिन मूल्यांकित कर वापस कोठार में जमा भी करना होगा। 

यह है व्यवस्था 
मूल्यांकन केंद्र- चार 
कुल उत्तर पुस्तिकाएं- 06,21,294 
परीक्षक- 1650 
डिप्टी हेड- 176 
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