अचल संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने में अब क्रेता और विक्रेता के साथ गवाहों के भी फोटो लगेंगे। फोटो वेब कैमरा से लिया जाएगा। दस्तावेजों पर गवाहों का मोबाइल नंबर भी लिखा जाएगा। पहचान के लिए कोई आईडी देनी होगी। विभाग की ओर से यह व्यवस्था फर्जी गवाही पर लगाम कसने और गवाहों के मुकर जाने की घटनाओं को देखते हुए की गई है।
इस आशय का आदेश महानिरीक्षक निबंधन की ओर से प्रशासनिक और विभाग के अधिकारियों को जारी किया गया है। आदेश का त्वरित पालन करने के भी निर्देश दिए गए हैं। सब रजिस्ट्रार सदर राजेश कुमार सिह ने बताया कि आईजी स्टांप के आदेश का पालन शुरू कर दिया गया है।
पुरानी व्यवस्था के तहत दस्तावेजों पर भूमि और भवनों को खरीदने और बेचने वालों का ही फोटो लगता था। साथ में आईडी भी लगती थी।
अब नई व्यवस्था के तहत गवाहों का फोटो और उसकी आईडी भी लगेगी। आईडी के रूप में मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, डीएल, बैंक या डाकघर का पासबुक, पैनकार्ड, आधार कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन आदेश, मनरेगा जॉब कार्ड और स्मार्ट कार्ड में से किसी एक प्रति पहचान के लिए देनी होगी। साक्ष्य के रूप में दिए गए विवरण को भी कंप्यूटर में फीड करना होगा। सभी प्रमाण पत्रों का स्कैन किया जाएगा। रजिस्ट्री करने वाले अधिकारियों से कहा गया है कि जो प्रमाण पत्र दिए जा रहे हैं, उसका मिलान मूल प्रमाण पत्र से करने के उपरांत ही बैनामा करें। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था के लागू हो जाने के बाद कई समस्याओं से बचा जा सकता है।