बस्ती। मनरेगा श्रमिक बनकर भुगतान लेने के मामले में डीएम रवीश गुप्ता ने कुदरहा ब्लॉक के रैनिया के ग्राम प्रधान रामदौड़ को नोटिस जारी किया है। स्पष्ट जवाब न मिलने पर कार्रवाई होगी। कुदरहा ब्लॉक के रैनिया गांव के श्रवण कुमार ने 17 जून को शिकायत की थी कि कि प्रधान मनरेगा श्रमिक बनकर पैसा निकाल रहे हैं। डीएम ने जांच कराई। जांच टीम ने डीपीआरओ को रिपोर्ट सौंप दी थी। डीपीआरओ घनश्याम सागर ने बताया कि जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
जांच रिपोर्ट में बताया है कि कि रैनिया गांव के ग्राम विकास अधिकारी गोरखनाथ, प्रधान रामदौड़, शिकायतकर्ता श्रवण कुमार, बृजेन्द्र कुमार, शीला देवी, अनूया देवी, गायत्री देवी एवं अमरावती देवी आदि ग्रामीणों के साथ बैठक करके जांच की गई थी। शिकायतकर्ता ने ग्राम प्रधान की ओर से गुणवत्ताविहीन एवं जेसीबी से कार्य कराने की शिकायत की थी। जांच में बीडीओ कुदरहा को पत्र लिखकर सम्बन्धित पटल सहायक/पंचायत सचिव को भी अपने स्तर से समस्त अभिलेखों के साथ 19 अगस्त को उपस्थित होने का आदेश दिया गया था, मगर उनके द्वारा किसी भी प्रकार का कोई भी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया गया। जिसके अनुकम में संयुक्त जांच टीम को किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना सम्भव नहीं है। यह भी अवगत कराना है कि शिकायतकर्ता की ओर से पोखरे की खुदाई जेसीबी से करते हुए फोटोग्राफ्स एवं वीडियो उपलब्ध कराया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी अवगत कराया कि रामदौड़ (पंजीकरण पहचान पत्र संख्या-UP-53-013-019-002/57) ग्राम प्रधान की ओर से स्वयं मनरेगा का कर्मी बनकर मनरेगा का पैसा अपने खाते में भुगतान कराया जाता था। जिसका साक्ष्य शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराया गया है। जांच टीम ने डीपीआरओ को रिपोर्ट सौंप दी थी, जिसमें डीएम ने सोमवार को प्रधान रैनिया को नोटिस जारी करते हुए 15 दिवस के भीतर जवाब देने के लिए निर्देश दिए हैं। डीपीआरओ घनश्याम सागर ने बताया कि जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।