धनराशि कोष में जमा करने की बाध्यता नहीं: डीएम
बस्ती। मुख्यमंत्री आपदा कोष में कर्मचारियों के वेतन से धन जमा करने का मामला शनिवार को गरमा गया। जानकारी होने पर डीएम ने संशोधित पत्र जारी कर कहा कि आपदा राहत कोष में धनराशि जमा करने की बाध्यता नहीं है।
शनिवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की बैठक महिला अस्पताल स्थित परिषद कार्यालय में हुई। जिसमें अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन से प्रतिमाह पांच सौ रुपये कटौती करने के निर्देश की आलोचना की गई। कर्मचारी संयुक्त परिषद के एसएन शुक्ल ने कहा कि शासन के निर्देश पर डीएम ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन से प्रतिमाह 500 रुपये कटौती कर लखनऊ स्थित सेंट्रल बैंक के खाते में जमा करने का निर्देश जारी किया है। विरोध में सोमवार को आंदोलन की विस्तृत रणनीति तैयार की जाएगी। जबरन कटौती का आरोप लगाते हुए कहा कि इस समय कोई आपदा नहीं है और आपदा के समय भी स्वेच्छा से ही धनराशि जमा की जाती है, इसलिए यह निर्देश सरासर कर्मचारी विरोधी है। जिला मंत्री हेरंब त्रिपाठी, इंद्रजीत तिवारी, उमेश कुमार सिंह, राम स्वारथ चौधरी, गौरीशंकर, दीनानाथ मिश्र, महेंद्र चौहान, गिरीश चंद्र व हरिनारायन आदि मौजूद रहे।
जानकारी के बाद जिला प्रशासन की तरफ से इसे लिपिकीय त्रुटि कहा गया है। जिसके बाद डीएम आशुतोष निरंजन की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष के लिए धनराशि जमा करने की बाध्यता नहीं है। पत्र की भाषा में लिपिकीय त्रुटि हो गई है।
देर शाम फोन पर कर्मचारी परिषद अध्यक्ष एसएन शुक्ल ने कहा कि यदि जिलाधिकारी ने संशोधित पत्र जारी कर बाध्यता नहीं होने की बात कह रहे हैं तो इसके लिए हम सभी डीएम को धन्यवाद देते हैं।