बस्ती। जिले के परिषदीय विद्यालयों में लगने वाले निपुण लक्ष्य पोस्टर अब केवल औपचारिकता नहीं रहेंगे। इन्हीं पोस्टरों के आधार पर तय होगा कि शिक्षक निर्धारित अधिगम लक्ष्यों के अनुरूप पढ़ा रहे हैं या नहीं। पहली बार बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से निपुण लक्ष्य पोस्टरों को निरीक्षण प्रक्रिया से जोड़ दिया गया है।
शासन की ओर से जिले के सभी प्राथमिक विद्यालयों में बालवाटिका से कक्षा पांच तक के निपुण लक्ष्य पोस्टर अनिवार्य रूप से लगाने का निर्देश दिया गया है। जिले के 2038 परिषदीय विद्यालयों में लगभग डेढ़ लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। विद्यालयों में अब पोस्टर केवल दीवारों पर टंगे होने भर से काम नहीं चलेगा, बल्कि इन्हीं के आधार पर बच्चों की सीखने की प्रगति और शिक्षकों की कार्यशैली भी परखी जाएगी। सपोर्टिव सुपरविजन एप और निरीक्षण एप में भी पोस्टरों से जुड़े बिंदु शामिल किए गए हैं।
विभाग से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान देखना होगा कि पोस्टर लगा है या नहीं, शिक्षक उन्हीं लक्ष्यों के अनुरूप शिक्षण करा रहे हैं या नहीं तथा बच्चों की अधिगम उपलब्धियां निर्धारित मानकों तक पहुंच रही हैं या नहीं। बालवाटिका से कक्षा पांच तक भाषा, गणित, पर्यावरण अध्ययन और अंग्रेजी के लिए तय अधिगम परिणाम अब शिक्षण का आधार बनेंगे।
इस बाबत बीएसए अनूप तिवारी का कहना है कि जिले के सभी परिषदीय प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में निपुण लक्ष्य पोस्टरों के प्रदर्शन की प्रक्रिया चल रही है।