बस्ती। जिले में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य तेजी से जारी है, जिसमें 26 फीसदी किसानों की रजिस्ट्री अभी बाकी है। डीएम कृत्तिका ज्योत्सना ने 30 अप्रैल तक लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया है। आंकड़ों के अनुसार, रुधौली तहसील सबसे आगे है, जबकि बस्ती सदर तहसील निचले पायदान पर है। वहीं, लापरवाह नौ लेखपालों का वेतन अब तक रोका जा चुका है।
बताया गया कि अवकाश के दिन भी सभी तहसील क्षेत्रों में अभियान चलाए गए। 5,20,396 किसानों में 3,74,048 किसानों की रजिस्ट्री पूर्ण हो गई है। शासन के निर्देशानुसार रजिस्ट्री न कराने पर पीएम किसान सम्मान निधि और सरकारी खाद-बीज मिलने में कठिनाई हो सकती है। खाद-बीज पर सब्सिडी, पीएम किसान योजना और सरकारी खरीद के लिए किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है। किसान कॉमन सर्विस सेंटर या लेखपाल के माध्यम से आधार और भूमि रिकाॅर्ड (खतौनी) के साथ इसे पूरा कर सकते हैं। फार्मर रजिस्ट्री न कराने वाले किसान सरकारी योजनाओं से वंचित हो सकते हैं। वहीं, लापरवाही पर नौ लेखपालों का वेतन रोका जा चुका है तो कई लेखपालों को नोटिस भी जारी किया जा चुका है।
कृषि विभाग के साथ राजस्व कर्मी इस अभियान को पूरा करने में लगे हुए हैं। डीडी कृषि अशोक कुमार गौतम के अनुसार रविवार को भी अभियान चलाकर किसानों की रजिस्ट्री कराई गई। कहा कि निर्धारित समय तक इस पूर्ण कर लिया जाएगा। सभी तहसीलों में अभियान तेजी से चलाए जा रहे हैं। अभी नौ दिन अभियान के शेष हैं, ऐसे में सभी कर्मी लक्ष्य को पूरा करने में जुट गए हैं।
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फार्मर रजिस्ट्री की तहसीलवार रिपोर्ट- (15 अप्रैल तक)
तहसील
रजिस्ट्री
प्रतिशत
बस्ती सदर
209709
59.21
हर्रैया 204490
78.51
भानपुर
68121
83.24
रुधौली 38076
85.70
कुल
520396
71.88
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कोट-
74 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूरा हो चुका है। अभी जिन किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है, वह नौ दिन के भीतर करवा लें। ऐसा न करने पर सरकारी सुविधाओं से वंचित हो सकते हैं। अवकाश के दिन भी अभियान चल रहा है।
- कीर्ति प्रकाश भारती, सीआरओ, बस्ती
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