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नवजात मृत्यु प्रकरण : पीड़ित ने डिप्टी सीएम को पत्र भेजकर मांगा न्याय

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बहादुरपुर। राम जानकी मार्ग के बनहरा में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुदरहा में प्रसव के दौरान नवजात का सिर धड़ से अलग होने के मामले में अभी तक आरोपी नर्स के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित ने अब न्याय के लिए डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से शिकायत की है। पीड़िता के ससुर की ओर से भेजे गए पत्र में आरोप लगाया है कि शिकायत और तहरीर के बाद भी अभी तक दोषी स्टाफ नर्स पर कार्रवाई नहीं हुई। इससे प्रसूता आहत है और न्याय की उम्मीद टूट रही है।
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मायूस ससुर ने शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री, राज्य महिला आयोग और अनुसूचित जनजाति आयोग से शिकायत कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। दुर्गा प्रसाद निवासी मुरादपुर थाना कलवारी ने अपने शिकायती पत्र में लिखा है कि उनकी पुत्रवधू प्रेमा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर अप्रैल में सीएचसी कुदरहा ले गए थे। स्टाफ नर्स कुसुम ने जबरिया प्रसव कराने लगी। तेज से खींचने के दौरान बच्चे का धड़ निकल आया जबकि सिर गर्भाश्य में फंस गया। इससे प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी।
बताया गया कि सात माह की ही गर्भवती थी, बावजूद इसके नर्स ने जबरदस्ती उसका प्रसव कराया। बाद में परिवार के अनुमति पर बगल में स्थित निजी अस्पताल में भेज दिया गया। वहां उपचार नहीं हुआ तो मेडिकल कॉलेज बस्ती रेफर कर दिए। जहां ऑपरेशन के जरिये बच्चे का सिर निकाला गया। उसके बाद पीड़िता की जान बची। मामले में शासन से आई जांच टीम के बाद सीएमओ ने स्टाफ नर्स कुसुम को तत्काल प्रभाव से टीबी अस्पताल में अटैच कर दिया।
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वहीं, संविदा समाप्ति के लिए जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में अनुमोदन भी ले लिया गया और उसे शासन स्तर पर भेजा जा चुका है। मगर, कार्रवाई में लेटलतीफी होने से पीड़ित परिवार ने फिर शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।
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थाना से लेकर एसपी तक पीड़ित लगा चुका है गुहार
पीड़ित परिवार नवजात मृत्यु प्रकरण में पहले कलवारी थाने पर और फिर बाद में एसपी बस्ती को शिकायत किया, बावजूद इसके अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्राथमिकी तक दर्ज नहीं किए। पुलिस का कहना है कि जब तक विभागीय कार्रवाई नहीं होती, तब तक विधिक कार्रवाई नहीं हो पाएगी। पीड़ित का कहना है कि रिपोर्ट में भी लेटलतीफी की जा रही है। आरोपित नर्स को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
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कोट
स्टाफ नर्स कुसुम के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएचएस में बैठक के दौरान अनुमति लेकर शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। कार्रवाई वहीं से होनी है।
-डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती।
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