बस्ती। परिषदीय विद्यालयों में सरकारी धन के भुगतान की प्रक्रिया अब सरल और प्रभावी होगी। शासन ने विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) के नए खाते खुलवाने के निर्देश दिए हैं। सभी विद्यालयों में 15 दिन के भीतर नए खाते खोलने होंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को निर्देश जारी कर प्रक्रिया पूरी कराने को कहा है।
जिले में 2,071 परिषदीय विद्यालयों के अलावा 22 पीएमश्री विद्यालय संचालित हैं। अब तक इन विद्यालयों की एसएमसी के खातों में पीएफएमएस के माध्यम से सरकारी धनराशि अंतरित की जाती थी। खाते में प्रधानाध्यापक और एक अभिभावक सहखाताधारक होते थे तथा दोनों के संयुक्त हस्ताक्षर से खाते का संचालन किया जाता था।
इन खातों में कंपोजिट ग्रांट, खेल, पुस्तकालय समेत विभिन्न मदों की धनराशि आती थी। कंपोजिट ग्रांट से विद्यालय भवन की रंगाई-पुताई, मरम्मत, चाक, डस्टर आदि की व्यवस्था की जाती है। खेल मद की धनराशि से विद्यार्थियों के लिए खेल सामग्री खरीदी जाती है। इसी तरह पुस्तकालय से संबंधित खर्च भी इसी व्यवस्था के तहत किए जाते हैं।
सरकारी धन के भुगतान को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए शासन ने एसएनए स्पर्श-2 पोर्टल के माध्यम से भुगतान की नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए विद्यालयों में नए एसएमसी खाते खोले जाएंगे। बीएसए कार्यालय की ओर से सभी बीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों में निर्धारित समय के भीतर खाते खुलवाना सुनिश्चित करें।
ऑडिट के लिए तैयार रखने होंगे अभिलेख
प्रधानाध्यापकों को वैधानिक लेखा परीक्षण और अंतरित लेखा परीक्षण के दौरान वित्तीय अभिलेख, लेखा पुस्तिकाएं और अन्य जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इसके लिए सभी अभिलेखों को प्रतिमाह अद्यतन कर तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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कोट
सभी विद्यालयों में 15 दिन के भीतर नए एसएमसी खाते खुलवाने के निर्देश दिए गए हैं। ऑडिट के समय आवश्यक वित्तीय अभिलेख और लेखा पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रधानाध्यापकों को भी निर्देशित किया गया है।
-अनूप कुमार, बीएसए।