बस्ती। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बाजार देशभक्ति के रंग में रंग गया है। बाजार में लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। तिरंगा झंडा से लेकर अन्य सामग्री की बिक्री हुई। वहीं, रक्षाबंधर पर्व को लेकर भी खरीदारी हुई। दुकानदारों के मुताबिक, महंगाई के चलते भाई की कलाई पर चांदी की राखी बांधने की चाहत रखने वालीं बहनों को इस रक्षाबंधन जेब कुछ ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी।
चांदी के दाम में आए उछाल का असर राखियों पर भी पड़ा है। पिछले साल करीब 400 रुपये में मिलने वाली चांदी की राखी इस बार 1100 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं दो हजार रुपये वाली राखी की कीमत बढ़कर पांच हजार रुपये तक हो गई है। दाम बढ़ने के कारण चांदी की राखियों की बिक्री फिलहाल प्रमुख सराफा कारोबारियों तक ही सीमित है तो कम वजन वाली फैंसी राखियां अधिक पसंद की जा रही हैं।
त्योहार नजदीक आते ही बाजार में राखियों की दुकानें सजने लगी हैं। सामान्य राखियों के साथ सराफा बाजार में चांदी की डिजाइनर राखियों की भी मांग बढ़ने लगी है। स्वास्तिक, ओम और त्रिशूल के चिह्न वाली राखियों के अलावा ब्रेसलेट और चेन के डिजाइन वाली राखियां भी ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। मंगल बाजार के सराफा व्यापारी गौरव भारत ने बताया कि चांदी की राखियां 1100 से पांच हजार रुपये तक उपलब्ध हैं। इनमें बैकॉक डिजाइन की राखियां भी शामिल हैं। बच्चों के लिए मिकी माउस समेत विभिन्न कार्टून करेक्टर वाली चांदी की राखियां भी मंगाई गई हैं। सोने की पॉलिश वाली राखियां भी ग्राहकों को पसंद आ रही हैं। उन्होंने बताया कि चांदी की राखियों में करीब 92 प्रतिशत शुद्धता वाली चांदी का इस्तेमाल किया जाता है। गांधीनगर के सराफा व्यापारी अभिषेक के अनुसार, कम वजन में डिजाइन वाली राखियां बहनों को पसंद आ रही है।
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महंगाई का चांदी की राखियों पर भी असर
महंगाई का असर चांदी की राखियों के दाम पर साफ दिखाई दे रहा है। कुंदल लाल वर्मा के अनुसार, चांदी का भाव करीब 2.41 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंचने से राखियों की कीमत भी बढ़ गई है। गत वर्ष इसी महीने में चांदी के दाम प्रति किलो एक लाख दस हजार से एक लाख 20 हजार रुपये के बीच थे। तब से दाम लगभग दोगुने हो गए हैं।
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15 अगस्त को लेकर सजे रहे बाजार
स्वतंत्रता दिवस को लेकर बाजार सजे रहे। मिठाई की दुकानों पर बूंदी लड्डू की बिक्री खूब हुई। वहीं तिरंगा झंडा से सजी दुकानों पर रौनक दिखी। बच्चे, जवान और महिलाएं तिरंगा झंडा को लेकर खरीदारी करते दिखे। गांधीनगर में इसको लेकर उल्लास नजर आया। वहीं अन्य पर्व की तैयारियों को लेकर महिलाएं दुकानों पर खरीदारी करती रही हैं। इससे रौनक है।
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