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Basti News: नया बनेगा जिला अस्पताल भवन... 49 करोड़ मंजूर

Sat, 24 Aug 2024 03:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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एक वर्ष पहले भेजा गया था प्रस्ताव, शासन से अब मिली मंजूरी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला अस्पताल का स्वरूप अब बदल जाएगा। पुराने भवन को तोड़कर नए भवन का निर्माण किया जाएगा। इस परिसर के आंगन में अत्याधुनिक अस्पताल नजर आएगा। ग्राउंड फ्लोर समेत चार मंजिला इमारत होगी। चिकित्सकीय संसाधनों से लैस इस भवन में लिफ्ट की भी सुविधा दी जाएगी। ओपीडी, ऑपरेशन थियेटर, दवा वितरण कक्ष और वार्ड सभी एक छत के नीचे होगा।
एक वर्ष पहले जिला अस्पताल के लिए नए भवन की कवायद शुरू हुई थी। डीएम के निर्देश पर निर्माण इकाई सी एंड डीएस ने प्रस्ताव तैयार किया था। जिला प्रशासन की ओर से यह प्रस्ताव शासन को भेजा गया। इस पर शासन ने मुहर लगा दी है। जिला अस्पताल के नए भवन के लिए 47 करोड़ का बजट उपलब्ध होगा। इस लागत से टावर की शक्ल में चार मंजिला इमारत बनाई जाएगी।
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पुराने अस्पताल भवन को ध्वस्त कर उसी जगह पर नए भवन की डिजाइनिंग की गई है। इस भवन में ओपीडी, ओटी समेत सौ शैय्या का अस्पताल संचालित किया जाएगा। आधुनिक मशीनों की उपलब्धता के साथ जिला अस्पताल का यह नवीन भवन मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली के समानांतर नजर आएगा।
वर्तमान में ओपीडी, पैथोलॉजी, ओटी, इमरजेंसी, वार्ड, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड आदि सेवाएं अस्पताल परिसर में अलग-अलग भवन में संचालित हो रही है। इन भवनों का एक-दूसरे से काफी फासला है। ऐसे में मरीज और तीमारदारों को डॉक्टर को दिखाने से लेकर भर्ती और जांच कराने तक भाग दौड़ करनी पड़ती है। शारीरिक रूप से अशक्त मरीजों को स्ट्रेचर पर लेकर इधर से उधर घूमना पड़ता है। नए भवन बनने से यह समस्या खत्म हो जाएगी।
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सौ साल पुराना हो चुका है जिला अस्पताल
जिला अस्पताल भवन सौ साल पुराना हो चुका है। अंग्रेजों के जमाने में इसकी स्थापना हुई थी। हालांकि, इधर दो से तीन दशक में यह अस्पताल काफी विस्तार रूप ले चुका है। क्षेत्रीय निदान केंद्र, ट्रामा सेंटर, पीआईसीयू चिल्ड्रेन वार्ड के लिए नए भवन बनवाए गए हैं।
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आवासीय भवनों की भी हालत जर्जर
अस्पताल परिसर में चिकित्सकों के आवास और नर्सेज हॉस्टल की हालत जर्जर हो चुकी है। पुराना भवन होने के नाते दीवारों के प्लास्टर उखड़ गए हैं। कई आवास के छत भी टपक रहे हैं। खिड़की-दरवाजे भी टूट चुके हैं। इसमें रहने वाले चिकित्सक और स्टाॅफ नर्स किसी तरह अपने खर्च से अंदर मरम्मत कराकर काम चला रहे हैं। परिसर में बारिश के दिनों में पानी भी लग जाता है। आवासीय क्षेत्र की सड़कें भी खस्ताहाल हैं। इनके कायाकल्य की दरकार लंबे समय से है।
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कोट
एक वर्ष पहले शासन को नए अस्पताल भवन के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। अब मंजूरी मिल गई है। पुराने भवन को ध्वस्त कर नए भवन का निर्माण कराया जाएगा। जैसे ही धन अवमुक्त होगा, निर्माण इकाई निविदा प्रक्रिया शुरू कर देगी।
-डॉ. आरएस दुबे, सीएमओ
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