जलकल परिसर में ट्यूबवेल के खराब डोजर के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक डोजर लगाता कर्मी संवाद
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बस्ती। शहरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में नगर पालिका परिषद बस्ती ने अहम कदम उठाया है। शहर के 28 ट्यूबवेलों के महीनों से खराब पड़े क्लोरीन डोजर मशीनों की मरम्मत शुरू करा दी गई है।
साथ ही कहीं-कहीं इलेक्ट्रॉनिक डोजर भी लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही जर्जर पाइप लाइनों में हो रहे लीकेज को ठीक करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। बता दें कि शहर के जलापूर्ति व्यवस्था पर पड़ताल के बाद कई ट्यूबवेलों के क्लोरीन डोजर मशीनों के खराब होने और पाइपलाइन में लीकेज की समस्या के चलते शुद्ध जलापूर्ति न मिलने पर लोग सवाल उठा रहे थे।
बाद में नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटी और जर्जर पाइपलाइन के साथ ही डोजर की स्थिति सुधारने में कर्मी लग गए हैं। इससे पाइपलाइन में आसानी से घोल डाल सकेंगे।
वहीं हाल ही में इंदौर में दूषित जलापूर्ति के कारण घटी घटना के बाद जलापूर्ति व्यवस्था पर पड़ताल हुई तो जिले में भी लापरवाही दिखी। शहर के ट्यूबवेलों की पड़ताल में जलकल परिसर, सिविल लाइंस और आवास विकास सहित कई जगह क्लोरीन डोजर मशीन खराब मिली।
कहीं-कहीं तो डोजर मशीन ही नदारद थी। अब जलकल परिसर का डोजर मशीन बदलते हुए वहां इलेक्ट्रॉनिक मशीन लगा दी गई है। यह मशीन ऑटोमेटिक है।
यह मशीन आवश्यकतानुसार क्लोरीन घोल जलापूर्ति पाइपलाइन में भेजती रहेगी। अन्य ट्यूबवेलों में लगी क्लोरीन डोजर मशीनों की मरम्मत का कार्य चल रहा है। साथ ही पुरानी और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन के लीकेज ठीक करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। इससे शहर की लगभग दो लाख की आबादी को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिलने की उम्मीद जगी है।