शहर के फौव्वारा तिराहे पर लकड़ी न होने पर पुआल जलाकर अलाव तापते स्थानीय लोग संवाद
बस्ती। सर्द हवाओं ने रात ही नहीं दिन में भी ठंड बढ़ा दी है। ऐसे में जिनके सिर पर छत नसीब नहीं या जो सफर के लिए निकल रहे, उन्हें मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। रैन बसेरों के स्थापित होने का इंतजार खत्म न होने के चलते रोडवेज बस अड्डे और आसपास सड़क किनारे जाग कर तो कोई चादर व कंबल में सिमट कर ठिठुरने के लिए विवश है। अलाव न जलने से लोग कागज का गत्ता, इधर-उधर से लकड़ी एकत्र करके उसे जला रहे हैं।
बृहस्पतिवार को रोडवेज बस अड्डा परिसर और इसके आसपास की हकीकत जानने की कोशिश की तो मन को द्रवित कर देने वाला परिदृश्य देखने को मिला। रोडवेज परिसर में हर साल की तरह अब तक रैन बसेरा स्थापित न किए जाने के चलते तमाम यात्री इधर-उधर चहलकदमी करते हुए वक्त बिता रहे थे। कुछ ऐसे भी थे, जिनकी बस के आने में देर थी या सुबह तक रुकना था तो वे परिसर के भीतर वेटिंग क्षेत्र में बैठकर चादर व कंबल में सिमटने के लिए मजबूर थे। इसी तरह रोडवेज बस अड्डे के आसपास की बेंचों पर भी कुछ निराश्रित और बेसहारा लोग ठिठुरन के बीच बैठे नजर आए।
यही हाल अन्य चौक-चौराहे का रहा। फौव्वारा तिराहा पर ऑटो चालक, फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले लोग ठिठुरते दिखे। अलाव न होने से वह कूड़ा-करकट जलाकर खुद को ठंड से बचाव का प्रयास करते दिखे। रेलवे स्टेशन और कचहरी में भी यही हाल दिखा। कड़ाके की ठंड में रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप समेत अन्य चिह्नित स्थलों पर अलाव न जलने से यात्रियों, जरूरतमंदों को कठिनाई झेलनी पड़ रही है। वहीं, जिम्मेदार अधिकारी का कहना है कि जल्द ही रैन बसेरा सक्रिय कर दिए जाएंगे। अलाव भी जलवाए जाएंगे।
स्टेशन पर मिले यात्री सोनू, पंकज और उर्मिला ने बताया कि ठंड में बस स्टेशन पर कोई सुविधा नहीं है। रैन बसेरा तक सक्रिय नहीं है। अलाव भी नहीं जल रहे हैं। इससे ठिठुरने को मजबूर हैं। नपा प्रशासन का दावा है कि कुछ जगहों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं। रोडवेज के अधिकारियों ने कहा कि अभी तक रैन बसेरा और अलाव की कोई व्यवस्था नहीं हुई है।
टेंडर प्रक्रिया में उलझ गई अलाव की व्यवस्था : शहर में हर साल अलाव की व्यवस्था से लोगों को परेशान होना पड़ता है। गलन वाली ठंड बढ़ने के बाद भी अलाव की व्यवस्था न के बराबर है। नपा के पास न चिह्नित स्थल हैं न ही रैन बसेरा सक्रिय कर अलाव जलवाए जा रहे हैं। बताते हैं कि टेंडर प्रक्रिया अभी पूर्ण न होने से अलाव की व्यवस्था उलझी है। नपा के अनुसार टेंडर निकाल दिया गया है। तीन लोग उसमें प्रतिभाग किए हैं, लेकिन किसको टेंडर दिया गया यह भी कंफर्म नहीं है।