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लापरवाही : संस्थागत प्रसव दर शून्य 70 आशा कार्यकर्ताओं को नोटिस

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बस्ती। जिले में सरकारी अस्पतालों को प्रसव का लक्ष्य पूरा करने में कठिनाई हो रही है, जबकि प्राइवेट अस्पतालों में प्रसव की संख्या बढ़ रही है। नियम के तहत संस्थागत प्रसव में स्वास्थ्य विभाग की आशा वर्कर्स की भूमिका महत्वपूर्ण है।
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हाल ही में हुई बैठक में 70 से अधिक ऐसी आशा कार्यकर्ता चिह्नित की गई हैं, जिनके क्षेत्र में प्रसव दर शून्य मिला है। इन आशा कार्यकर्ताओं को अब नोटिस जारी किया गया है। संस्थागत प्रसव बढ़ाने में स्थानीय स्तर पर ही लापरवाही बरती जा रही है। बताया गया कि आशा को माह में कम से कम दो से तीन प्रसव का लक्ष्य दिया गया है। मगर, जांच में पाया गया है कि 70 आशा कार्यकर्ता के क्षेत्र में शून्य प्रसव पाया गया है।
इस पर सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने नाराजगी जताई है। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही कम से कम एक प्रसव माह में हर हाल में कराने के लिए निर्देशित किया है।
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सीएमओ ने सीएचसी के अधीक्षकों को भी निर्देश दिए हैं कि संस्थागत प्रसव में सुधार लाएं, ढिलाई पर स्वयं जिम्मेदार होंगे। डिप्टी सीएमओ आरसीएच डॉ. बृजेश शुक्ल ने बताया कि शून्य प्रसव क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं को चिह्नित किया गया है।
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उन्हें नोटिस देकर सुधार के लिए निर्देशित किया गया है। डीसीपीएम दुर्गेश मल्ल के अनुसार, जिले में 2243 आशा कार्यकर्ता कार्यरत हैं।
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