बस्ती। संस्थागत प्रसव बढ़ाने के लिए स्टाफ नर्स, एएनएम लापरवाही की हदें पार कर जा रही हैं। सुरक्षित प्रसव कराए जाने के लिए ब्लॉक स्तर से जिला स्तर तक पर विशेष ट्रेनिंग दी जा रही, बावजूद इसके चूक नवजातों की जान ले ले रही है। लगातार हो रही मौतों पर विभागीय अनदेखी भारी पड़ रही है।
यही कारण है कि, लापरवाह कर्मचारियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है। बताते हैं कि इतनी योजनाएं संचालित होने के बाद भी नॉर्मल प्रसव कराने में लापरवाही दिख रही। चूक से नवजात की जान चली जा रही है। ऐसे तीन प्रकरण सामने आ चुके हैं। जानकारों के अनुसार, कम दिन के प्रसव सिर्फ मेडिकल कॉलेज में ही कराए जा सकते हैं।
यहां ऑपरेशन के साथ एनआईसीयू व आईसीयू की सुविधा होती है ताकि, जच्चा-बच्चा की जान बच सके। मगर, मरीज माफिया और बिचौलिए दलाल जच्चा-बच्चा की जान का सौदा करने से बाज नहीं आ रहे हैं।