बस्ती। जिले के 439 परिषदीय विद्यालयों की लाइब्रेरी में अभी तक एनसीईआरटी की सभी निर्धारित पुस्तकें नहीं पहुंच सकी हैं। दो प्रकाशकों की पुस्तकें उपलब्ध नहीं होने के कारण विद्यालयों में इनका वितरण अटका हुआ है। इससे विद्यार्थियों को नई पाठ्य सामग्री मिलने में देरी हो रही है।
सरकार की ओर से प्राथमिक स्तर पर एनसीईआरटी आधारित पुस्तकों से पढ़ाई कराने पर जोर दिया जा रहा है। जिले में 439 विद्यालयों में इन पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी है। इनमें 284 प्राथमिक, छह पीएम श्री प्राथमिक, 133 जूनियर एवं कंपोजिट तथा 16 पीएम श्री जूनियर विद्यालय शामिल हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, एनसीईआरटी की निर्धारित पुस्तकों में से 14 प्रकाशकों की पुस्तकें उपलब्ध हो चुकी हैं। दो प्रकाशकों की पुस्तकें अभी उपलब्ध नहीं हुई हैं। इसी वजह से सभी विद्यालयों में पुस्तकों का वितरण पूरा नहीं हो सका है।
कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों को एनसीईआरटी आधारित मृदंग, सारंगी और आनंदमय गणित जैसी पुस्तकें उपलब्ध कराई जानी हैं। इन पुस्तकों का उद्देश्य बच्चों को बुनियादी स्तर पर सीखने के लिए बेहतर सामग्री उपलब्ध कराना और उन्हें निपुण बनाने में मदद करना है।
नई पुस्तकों में बच्चों के कौशल विकास से जुड़े पाठ शामिल किए गए हैं। गतिविधियों और खेल आधारित तरीके से बच्चों को सीखने के अवसर दिए जाएंगे। प्राथमिक स्तर पर एनसीईआरटी आधारित पाठ्य सामग्री उपलब्ध होने से बच्चों के शैक्षणिक विकास में मदद मिलने की उम्मीद है।
एनसीईआरटी की जितनी पुस्तकें उपलब्ध हो गई हैं, उन्हें जल्द ही विद्यालयों में उपलब्ध करा दिया जाएगा। शेष पुस्तकों के उपलब्ध होने के बाद उनका भी वितरण कराया जाएगा।
विनोद त्रिपाठी, प्रभारी बीएसए