कप्तानगंज, बस्ती। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के मस्जिदिया गांव के मनोज मणि त्रिपाठी की गला रेतकर बेरहमी से की गई हत्या के मामले में वांछित तीसरे आरोपी शिवा विश्वकर्मा को भी शनिवार को तड़के गढ़हा गौतम फ्लाईओवर के पास से मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया था। मुठभेड़ में हत्यारोपी शिवा के बाएं पैर में गोली लगी है। उसका इलाज कप्तानगंज सीएचसी पर कराया जा रहा है।
सीओ हर्रैया स्वर्णिमा सिंह ने खुलासा करते हुए कहा कि मनोज की हत्या में शामिल तीन आरोपियों में से शिवम अग्रहरि निवासी जिलेबीगंज, थाना कप्तानगंज, जिला बस्ती और ऋषभ उर्फ राज मिश्रा निवासी बिजरा, थाना कप्तानगंज को 5 मई को ही गिरफ्तार किया जा चुका है। तीसरा आरोपी शिवा (19) निवासी फरेंदा सेंगर थाना कप्तानगंज फरार चल रहा था। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस को सूचना मिली कि वह कप्तानगंज थाना क्षेत्र के गढहा गौतम के आसपास मौजूद है। इसके बाद पुलिस सक्रिय हो गई और गढहा गौतम फ्लाईओवर के पास उसकी घेराबंदी की गई तो उसने पुलिस पर हमला कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई। हत्यारोपी शिवा के बाएं पैर में गोली लगी। जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। इस दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ की सूचना पर पुलिस उच्चाधिकारी और फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गई।
घटना स्थल का मौका मुआयना कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए। गिरफ्तार हत्यारोपी के पास से एक अदद अवैध तमंचा, एक अदद जिंदा कारतूस, एक अदद खोखा कारतूस व मोटर साइकिल बरामद की गई है। पुलिस हत्यारोपी शिवा को इलाज के लिए कप्तानगंज सीएचसी पर भर्ती कराया है। सीओ स्वर्णिमा सिंह ने बताया कि उसकी हालत खतरे से बाहर है।
गिरफ्तार करने वाली टीम में थानाध्यक्ष आलोक कुमार श्रीवास्तव, चौकी प्रभारी महराजगंज अनिल त्रिपाठी, उप निरीक्षक विवेकानंद तिवारी आदि शामिल रहे।
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सड़क के किनारे खून से लथपथ मिला था शव
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के कल्याणपुर समय माता मंदिर के पूरब तरफ सड़क के किनारे एक व्यक्ति का खून से लथपथ शव मिला था। कुछ देर बाद मृतक की पहचान थाना क्षेत्र के मस्जिदिया निवासी मनोज मणि त्रिपाठी के रूप में हुई थी। वह गांव के निकट बुधईपुर चौराहे पर किराने की दुकान चलाने के साथ बीसी भी संचालित करता था। मृतक की पत्नी कुमकुम त्रिपाठी ने तहरीर देकर बताया कि उनके घर पर तीन मई की रात पिकअप सवार लोग आए और मनोज को साथ लेकर चले गए। अगले दिन सुबह पता चला गला रेतकर उनकी हत्या कर दी गई। पत्नी ने तहरीर में शिवम अग्रहरि पर हत्या का संदेह जताया था। पुलिस ने मामले में विवेचना शुरू की तो सीसीटीवी कैमरे एवं अन्य डिजिटल साक्ष्य से दो आरोपी ऋषभ और शिवा की जानकारी हुई। मुकदमे में पुलिस ने इन आरोपियों को शामिल करते हुए शिवम और ऋषभ को चार दिन पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। तीसरा आरोपी शिवा फरार चल रहा था। जिसे मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया है।