बस्ती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट मुंडेरवा चीनी मिल में करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले के खुलासे के बाद अब किसानों का गुस्सा खुलकर सामने आ रहा है। किसानों का कहना है कि मिल अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा फर्जीवाड़ा संभव ही नहीं है।
अब केवल एजेंसी को बलि का बकरा बनाकर अधिकारियों को बचाया जा रहा है। भुगतान की अनुमति और कार्यदर्शी रिपोर्ट पर मिल के अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं, फिर भी उन्हें बचाया क्यों जा रहा है।
भाकियू के प्रदेश सचिव और मुंडेरवा समिति के पूर्व चेयरमैन दिवान चंद्र पटेल कहते हैं कि केस तो कंपनी की प्रोपराइटर के खिलाफ दर्ज किया गया है, लेकिन जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि कई पूर्व महाप्रबंधक, सीसीएम और अन्य अधिकारी इस खेल में शामिल थे। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि कुछ अधिकारियों ने भुगतान अनुमोदन में बिना भौतिक सत्यापन के हस्ताक्षर किए थे।
जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि गन्ना क्षेत्र विस्तार योजना के अंतर्गत मेसर्स लिनिंग सिक्योरिटी सर्विस ने 160 गांवों की जगह 430 गांवों में फर्जी कार्यदर्शी रिपोर्ट लगाकर करीब 12.29 करोड़ रुपये का भुगतान दिखा दिया। कंपनी को बीज वितरण, कीटनाशक आपूर्ति और ट्रेंच विधि से नालियों के निर्माण जैसे कार्य सौंपे गए थे। मुंडेरवा गन्ना समिति के किसानों का कहना है कि इस मिल से उनकी भावनाएं जुड़ी हैं, क्योंकि इसे शुरू कराने के लिए उन्होंने वर्षों संघर्ष किया और तीन किसानों ने बलिदान भी दिया। लेकिन अब भ्रष्टाचार ने उस त्याग का अपमान कर दिया है। किसान नेता दिवान चंद्र पटेल कहते हैं कि किसी एक एजेंसी की इतनी हिम्मत नहीं कि वह करोड़ों का फर्जी भुगतान कर ले और मिल प्रबंधन को पता ही न चले।
बिना मिल अधिकारियों की मिलीभगत के ऐसा संभव ही नहीं है। अब एजेंसी को आगे कर बाकी जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश की जा रही है। क्षेत्र के किसान दिवाकर चौधरी कहते हैं कि हम किसानों से गन्ना तो लिया जा रहा है, लेकिन भुगतान महीनों लटका रहता है। जबकि कागजों में करोड़ों के काम दिखाकर पैसे निकाल लिए गए।
यह सीधे किसानों के साथ धोखा है। केस तो कंपनी की प्रोपराइटर के खिलाफ दर्ज किया गया है, लेकिन जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि कई पूर्व महाप्रबंधक, सीसीएम और अन्य अधिकारी इस खेल में शामिल थे। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि कुछ अधिकारियों ने भुगतान अनुमोदन में बिना भौतिक सत्यापन के हस्ताक्षर किए थे।