बस्ती। शारदीय नवरात्र के पहले दिन सोमवार को ग्रामीण अंचल में दुर्गा पूजा समारोह का शुभारंभ हो गया। प्रमुख कस्बों से लेकर बाजार और गांव के नुक्कड़ाें पर सजे- धजे दुर्गा पंडालों में देवी प्रतिमाएं दिन में स्थापित कर दी गई। पुरोहितों ने विधि विधान से पूजन अर्चन कराया।
इसके बाद मुख्य यजमान से मां दुर्गा के प्रतिमा की आंख की पट्टी खोली। इस दौरान प्रत्येक पंडाल में देवी के जयकारों की गूंज होने लगी।
जिले के हर्रैया, भानपुर, रुधौली, बनकटी, कलवारी, कुदरहा, सोनहा, वाल्टरगंज, मुडेरवा आदि कस्बों में दुर्गा पूजा समारोह नवरात्रि के पहले दिन से ही शुरू हो गया है। यह आयोजन दस दिनों तक अनवरत चलता रहेगा। सोमवार सुबह से ही देवी प्रतिमाओं को स्थापित करने को लेकर आयोजन समितियों का उत्साह बढ़ा रहा। लोग ट्रैक्टर ट्राली एवं अन्य लोडर वाहन लेकर मूर्तिकारों के कारखानों पर पहुंचने लगे।
यहां पहले से बुकिंग की गई प्रतिमाओं को लेकर पंडाल की ओर ले जाया जाने लगा। आयोजन समितियों की आवाजाही दिन भर लगी रही। सड़कों पर देवी देवताओं की प्रतिमाओं को वाहनों पर लेकर चल रहे देवी भक्त जयकारे भी लगा रहे थे।
दोपहर बाद तक लगभग सभी पंडालों में बाघ पर सवार मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा के साथ लक्ष्मी- गणेश, कार्तिकेय एवं देवी देवताओं की अन्य प्रतिमाएं स्थापित कर देवी का दरबार सज गया। शाम में ढलने के बाद श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचने लगे। पंडाल- पंडाल श्रद्धालुओं की भीड़ लगनी शुरू हो गई। आरती- पूजन, स्तुति के बीच मंत्रोच्चारण के साथ मां दुर्गा के आंख की पट्टी खोली गई।
देवी दरबार में पूजन के उतरांत श्रद्धालुओं को तिलक लगाकर प्रसाद आदि भी वितरित किया जा रहा है। देवी गीतों के कैसेटों की भी गगनभेदी गूंज हो रही है। जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय बन गया है।
बहादुरपुर के प्रतापपुर चौराहे पर स्थापित प्रतिमा- संवाद